पांच लोगों की मर्डर मुद्दे में दिल्ली पुलिस ने किया खुलासा

पांच लोगों की मर्डर मुद्दे में दिल्ली पुलिस ने किया खुलासा

दिल्ली के भजनपुरा में एक ही परिवार के पांच लोगों की मर्डर मुद्दे में बड़ा खुलासा हुआ है. परिवार की मर्डर के पीछे 30 हजार रुपये नहीं है. पुलिस ने आरोपी प्रभुनाथ को कड़कड़डूमा न्यायालय में पेश किया जहां से न्यायालय ने आरोपी की तीन दिन की पुलिस रिमांड बढ़ा दी है. पुलिस ने तेजधार वाला हथियार बरामद कर लिया है, जिससे प्रभु ने पांचों लोगों की मर्डर की थी. 

पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी ने हथियार को भजनपुरा इलाके में ही छिपा दिया था. पुलिस ने रिमांड पर लेकर जब सख्ती से पूछताछ की तो उसने हथियार के बारे में बताया. उसने पुलिस को बताया है कि उसने मृतक शंभूनाथ से पौने चार लाख रुपये उधार लिए हुए थे व उसी को लेकर टकराव हुआ था. इसी के चलते उसने तीन फरवरी को शंभूनाथ समेत पांच की मर्डर कर दी थी.

शंभू के पिता ने पूछा, 25-30 लाख रुपये कहां गए? 
भजनपुरा में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की मर्डर के मुद्दे में पुलिस के खुलासे पर परिजनों को यकीन नहीं हो रहा है. मारे गए शंभू के पिता महादेव का बोलना है कि वह पुलिस की बातों से संतुष्ट नहीं हैं. घटना की सूचना के बाद बिहार के सुपौल स्थित गांव से शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे महादेव के मुताबिक, 30 हजार रुपये के लिए अकेले आदमी द्वारा पांच लोगों की मर्डर करना सवाल खड़ा कर रहा है. उन्होंने यह भी सवाल खड़ा किया है कि शंभू के पास करीब 25 से 30 लाख रुपये थे जिससे वह सुपौल में जमीन खरीदने वाला था. आखिर वे रुपये कहां गए?

गांव लौटने वाला था शंभू
महादेव ने बताया कि शंभू अपनी पत्नी और बच्चों के साथ गांव लौटने वाला था. वह सुपौल में ही कारोबार प्रारम्भ करना चाहता था. शंभू के कहने पर इसके लिए महादेव वहां जमीन की तलाश कर रहे थे. इसी बीच बुधवार को शंभू, उसकी पत्नी व बच्चों की मृत्यु की समाचार मिली. माता-पिता बड़े बेटे व उसके परिवार की मृत्यु से सदमे में हैं. 

20 वर्ष से अलग रह रहा था
मृतक शंभू के पिता महादेव ने बताया कि उनका परिवार बिहार के सुपौल स्थित मलहली गांव का रहने वाला है. उन्होंने बुराड़ी में करीब तीन वर्ष पहले अपना मकान खरीदा था, जहां वह पत्नी अनीता देवी और छोटे बेटे रोशन के साथ रहते हैं. जबकि बड़ा बेटा शंभू 20 वर्ष से अलग किराए पर रहता था. हालांकि शंभू ने भी सभापुर में जमीन खरीदी थी, लेकिन दो वर्ष पहले उसे बेच दिया था. 

दुकान करना चाहता था
महादेव के अनुसार, शंभू अब सुपौल में दुकान करने की तैयारी कर रहा था. इसके लिए उसने उनसे सुपौल में 25 से 30 लाख रुपये की जमीन देखने के लिए बोला था. जमीन मिलते ही वह उसे खरीदकर पत्नी व बच्चों के साथ लौटने वाला था. 

आरोपी प्रभु से थी नजदीकी 
मृतक शंभू के भाई रोशन का बोलना है कि करीब 20 वर्ष पहले शंभू की विवाह हुई थी. विवाह के बाद से शंभू ने माता-पिता व भाई से दूरियां बना ली थी. यहां तक की वह 20 वर्ष में चार-पांच बार ही वह गांव गया था. बुराड़ी में रहने वाले माता-पिता और भाई से भी कम ही मिलना-जुलना होता था. बुआ का परिवार ही शंभू के करीब था व आरोपी प्रभु ही शंभू के सबसे समीप था, जिसका उसके घर आना-जाना था. शंभू आरोपी प्रभू को ब्याज पर चलाने के लिए रुपये देता था. हालांकि शंभू की पत्नी अनीता आरोपी प्रभु के साथ रुपयों का लेनदेन करना पसंद नहीं करती थी.