विकास दुबे का कैसे हुआ एनकाउंटर व क्या था वहा का माहौल, पढ़े

 विकास दुबे का कैसे हुआ एनकाउंटर व क्या था वहा का माहौल, पढ़े

 कानपुर में एक हफ्ते पहले 8 पुलिसवालों की मर्डर का मुख्य आरोपी विकास दुबे उज्जैन से गिरफ्तारी के 24 घंटे के भीतर मारा गया. उज्जैन से कानपुर लाते समय भागने की प्रयास कर रहे मोस्ट वांटेड विकास दुबे को एसटीएफ में एनकाउंटर में ढ़ेर कर दिया.

 इस दौरान पुलिस के चार जवान भी घायल हुए हैं. जानकारी के मुताबिक जिस गाड़ी से पुलिस विकास दुबे कानपुर ला रही थी, रास्ते में वो दुर्घटनाग्रस्त हो गई. इस दौरान मौके का लाभ उठाकर विकास ने भागने की प्रयास की. साथ ही उसने घायल पुलिसकर्मी से पिस्टल भी छीन ली. मौके पर एसटीएफ के साथ विकास दुबे की एनकाउंटर प्रारम्भ हुई व गोली लगने से उसकी मृत्यु हो गई. इससे पहले उत्तर प्रदेश पुलिस उसके पांच साथियों को एनकाउंटर में ढेर कर चुकी है.

उज्जैन में गिरफ्तारी के बाद यूं चला घटनाक्रम
- कानपुर हत्याकांड के बाद विकास दुबे को कई राज्यों की पुलिस बीचे 6 दिनों से तलाश कर रही थी. गुरुवार प्रातः काल मध्य प्रदेश पुलिस ने उसे उज्जैन के महाकाल मंदिर से हिरासत में लिया था.
- मध्य प्रदेश पुलिस ने दुबे के साथ दो वकीलों व शराब कंपनी के मैनेजर के साथ ही चार अन्य को भी हिरासत में लिया.
- विकास दुबे गुरुवार प्रातः काल करीब 7.45 बजे महाकाल मंदिर दर्शन के लिए पहुंचा था व मंदिर में प्रवेश की व्यवस्था के बारे में दुकानदार के जानकारी ली.
- मंदिर दर्शन के लिए उसने 250 रुपये की रसीद भी कटवाई. प्रवेश के दौरान मंदिर के गार्ड को संदेह होने पर उसे पकडकऱ पुलिस चौकी लाया गया.
- पुलिस की गिरफ्त में आने पर उसने जोर से चिल्लाकर कहा, मैं विकास दुबे हूं। । कानपुर वाला.
-यूपी एसटीएफ के ऑफिसर गुरुवार शाम को ही उज्जैन पहुंचे थे. इस पर विकास दुबे को कानपुर पुलिस को सौंप दिया.
- गुरुवार रात करीब 9:30 बजे यूपी पुलिस का काफिला उसे सडक़ मार्ग से ले गया.
- उज्जैन से कानपुर लाते समय प्रातः काल विकास की गाड़ी का दुर्घटना हो गया. वह घायल पुलिसवालों की पिस्टर छीनकर भागने लगा. पुलिस ने आत्म समर्पण करने को कहा. नहीं रुका तो पुलिस ने गोली चलाई, जिसके बाद वह ढेर हो गया.

आठ पुलिसवालों का हत्यारा
कानपुर जिला मुख्यालय से करीब 38 किमी दूर चौबेपुर थाना क्षेत्र के गांव बिकरू में गत शुक्रवार की रात को विकास दुबे को पकडऩे के लिए पुलिस टीम पहुंची थी. इस दौरान कुख्यात विकास व उसके साथियों ने हमला कर दिया था, जिसमें सीओ, एसओ सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे.