मर्दों को खड़े होकर पेशाब करना सही रहता है या बैठकर, जान लें गलत पोजीशन पहुंचा सकती है हानि

मर्दों को खड़े होकर पेशाब करना सही रहता है या बैठकर, जान लें गलत पोजीशन पहुंचा सकती है हानि

वैसे हम जानते है और रोजाना करते भी है कि पुरुष जब भी टॉयलेट करने जाते हैं तो वह खड़े होकर टॉयलेट करते हैं और महिलाएं बैठकर टॉयलेट करती हैं लेकिन शायद आप यह नहीं जानते होंगे कि पुरुषों के लिए क्या खड़े होकर पेशाब करना सही है। 

शोध ने खोल दी पोल:

एक अध्ययन में हुए शोध के अनुसार जिन पुरुषों को प्रोस्टेट की समस्या हो और सूजन हो तो उनके लिए बैठकर पेशाब करना ज्यादा फायदेमंद होता है । इस शोध में स्वस्थ पुरुषों को लोअर यूरिनरी ट्रैक्ट सिम्टम्स वाले पुरुषों के बीच तुलना की गई अध्ययन में पाया गया कि इस समस्या से जूझ रहे लोगों में पाया गया है कि यदि वह बैठकर पेशाब करते हैं तो उनके मूत्र मार्ग पर दबाव कम हो जाता है।

इससे उनके पेशाब करने की क्रिया आसान हो जाती है लेकिन स्वस्थ पुरुषों को खड़े होकर या बैठकर पेशाब करने में कोई अंतर दिखाई नहीं दिया।


यहां है ये अनोखी प्रथा, मर्दो से मार खाकर महिलाओं का हो जाता हैं बुरा हाल

यहां है ये अनोखी प्रथा, मर्दो से मार खाकर महिलाओं का हो जाता हैं बुरा हाल

इस दुनिया में आज भी बहुत सी अजीबोगरीब परंपरा चलती आ रही है। आज हम आपको एक ऐसी ही परंपरा के बारे में बताने जा रहे हैं जो आदिवासियों और पिछड़ी जातियों में आज भी निभाई जाती हैं। ये हैं इथोपिया की ऐसी जनजाति जहन महिलाएं अपने पति से पिटने में गर्व महसूस करती हैं। और इन्ही की कुछ तस्वीरें कैमरे में कैद की एक फ्रेंच फोटोग्राफर ‘एरिक लैफोर्ग’ ने।

मार खाती है महिलाएं:

ये जनजाति है हैमर नाम की जाति। इनकी मानें तो ये कहते हैं कि ये जाति बहुत ही अलग है। इनके बारे में बता दे कि इस जाति के लोग कैटल जंपिंग सेरेमनी मनाते हैं ये उनका एक खास तरह का समारोह होता है। इस में 15 गायों को एक साथ खड़ा कर दिया जाता है और एक युवक उसे कूदते हुए पार करना होता है अगर कोई लड़का ऐसा नही कर पाया तो उसकी शादी नहीं की जाती है।

महिलाएं मिलकर उसे पीटती भी हैं। इसके बाद उस लड़के के घर की सभी औरतों को पीटा जाता है। महिलाओं को मारने के लिए पुरुषों का एक संगठन होता है जिसे ‘माजा’ कहते हैं। और इसे महिलाएं बहुत ही मज़े के साथ करती हैं।