एनकाउंटर के नाम पर 4 आरोपियों को मार डालने के लिए पुलिसवालों के विरूद्ध FIR दर्ज करने की हुई मांग

एनकाउंटर के नाम पर 4 आरोपियों को मार डालने के लिए पुलिसवालों के विरूद्ध FIR दर्ज करने की हुई मांग

हैदराबाद एनकाउंटर को लेकर तेलंगाना हाई कोर्ट ने बड़ा निर्णय सुनाया है. शुक्रवार प्रातः काल हैदराबाद के चेटनपल्ली के रंगारेड्डी फ्लाईओवर के नीचे हुए डाक्टर दिशा के गैंगरेप-मर्डर के चारों आरोपियों के एनकाउंटर के बाद की कार्रवाई के लिए उच्च न्यायालय ने प्रदेश को आदेश दिया है.

 

तेलंगाना उच्च न्यायालय ने आदेश दिए हैं कि इस एनकाउंटर में मारे गए चारों आरोपियों के शवों को प्रदेश में सुरक्षित रखा जाए. न्यायालय ने आदेश दिए हैं कि चारों आरोपियों के शवों को 9 दिसंबर प्रातः काल 8 बजे तक संरक्षित रखे जाए.

 

इससे पहले शुक्रवार दिन में एनकाउंटर के जगह पर विभिन्न जांचों व सबूतों को इकट्ठा करने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया. पुलिस ने बोला था कि शवों को पोस्टमार्टम के बाद संबंधित परिवारों को सौंप दिया जाएगा. हालांकि आरोपियों के परिजनों ने इनके शवों को स्वीकार करने से मना कर दिया.

गौरतलब है कि शुक्रवार तड़के तेलंगाना पुलिस डाक्टर दिशा का गैंगरेप व हत्या करने वाले चारों आरोपियों को अपराध सीन रीक्रिएट कराने घटनास्थल पर ले गई. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पुलिस कमिश्नर वी सज्जनार ने बताया कि चारों आरोपियों मोहम्मद आरिफ, जोलू शिवा, जोलू नवीन व चिंताकुटा को रिमांड के चौथे दिन बाहर लेकर गए व उन्होंने सबूत दिए.

 

शुक्रवार प्रातः काल उन्हें आगे के सबूत इकट्ठा करने के लिए लेकर आए थे, लेकिन उन्होंने पुलिस पर ही हमला बोल दिया. दो पुलिसवालों के हथियार छीने गए थे, जिसके बाद पुलिस ने पहले चेतावनी दी व न मानने पर आरोपियों पर फायरिंग करनी पड़ी. चारों आरोपियों की मृत्यु गोली लगने से ही हुई है. इस एनकाउंटर के दौरा दौरान एक सब इंस्पेक्टर व कॉन्स्टेबल घायल भी हुआ.

 

वहीं, मुंबई के एक एडवोकेट गुणरत्न सदावर्ते ने बोला तमाम वकीलों ने मेरे साथ चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया , राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, तेलंगाना हाई कोर्ट व पुलिस महानिदेशक के समक्ष एक लेटर याचिका दायर की है, जिसमें " एनकाउंटर के नाम पर 4 आरोपियों को मार डालने के लिए पुलिसवालों के विरूद्ध FIR दर्ज करने की मांग की गई."