पाकिस्तान में बढ़ती जा रही है गधों की संख्या, वजह जानकर उड़ जायेंगे होश

पाकिस्तान में बढ़ती जा रही है गधों की संख्या, वजह जानकर उड़ जायेंगे होश

अक्सर पाकिस्तान अपने अजीबोगरीब कामों के लिए चर्चा में रहता है। लेकिन अब एक नया रिकॉर्ड बन गया है।पाकिस्तान में इमरान खान की सरकार आ जाने के बाद गधों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में सालाना एक लाख गधों की आबादी बढ़ती जा रही है। 

बढ़ती जा रही है गधों की संख्या

इमरान खान की सरकार आने के बाद से 3 साल में 3 लाख गधों की संख्या बढ़ी है, इसके पीछे के वजह प्राकृतिक प्रजनन नहीं बल्कि कारोबार है। पाकिस्तान हर साल चीन को 80 हजार गधों का निर्यात करता है। चीन इन गधों के खाल का उपयोग कई प्रकार से किया जाता है गधे के मांस को खाने के साथ ही इसकी खाल से निकलने वाले जिलेटिन से कई प्रकार की दवाएं बनाई जाती है। 


दुनियाभर में गधों के मामले में तीसरा नंबर

आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान में ऊंट, घोड़े और खच्चर सहित अन्य जानवरों की जनसंख्या वृद्धि 13 सालों से जस की तस है लेकिन गधों की संख्या सालाना 1 लाख बढ़ती जा रही है। मौजूदा समय में पाकिस्तान में 56 लाख गधे है, जो दुनियाभर में गधों के मामले में तीसरे नंबर पर है। 


ये है दुनिया का सबसे अजीब त्यौहार, गैर मर्दों से संबंध बनाने के लिए करते है आकर्षित

ये है दुनिया का सबसे अजीब त्यौहार, गैर मर्दों से संबंध बनाने के लिए करते है आकर्षित

ये दुनिया बहुत अजीब है। यहां कई त्योंहार मनाये जाते है जो सुनने में ही बड़े अजीब लगते है। ऐसे ही इंडोनेशिया के बाली द्वीप में भी एक ऐसा ही त्योहार मनाया जाता है, जिसकी रस्मों को सुन कर आप चौंक जाएंगे। यहां पर पॉन नामक त्योहार मनाया जाता है, जो छुट्टियों के दौरान होता है। इस पर्व के दौरान आपको एकदम से अनजान साथी के साथ सेक्स करना होता है। 

गैर मर्दों से बनाने होते है संबंध:

इंडोनेशिया में ‘पॉन’ नाम से छुट्टियों का यह पर्व मनाया जाता है। पर्व के बारे में हैरान कर देने वाली बात ये है कि इसमें आपको अनजान साथी के साथ शारीरिक संबंध बनाने होते हैं। यह पर्व एकसाल में सात बार मनाया जाता है। मतलब यह कि आपको पूरे साल में सात बार यह करना होता है। 


सहमति के बाद बनाते है संबंध:

इसके साथ ही इस पर्व के दौरान आपको कई नियमों का पालन करना होता है। क्योंकि, यह पर्व स्थानीय परंपरा से जुड़ा है, इसलिए जाहिर है कि रस्म-रिवाज भी स्थानीय होंगे। स्थानीय लोग इस पर्व के लिए स्थानीय पर्वत पर पवित्र स्थल बनाते हैं। साथ ही सेक्स फेस्टीवल में शामिल होने आये लोग उक्त पर्वत पर पहुंचते हैं। वहां पर जाकर ही एक-दूसरे को आकर्षित करते हैं और फिर सहमति से शारीरिक संबंध बनाते हैं।