फर्जी वेबसाइट बना जॉब दिलाने के नाम पर एक हजार युवाओं को ठगने वाले आरोपियों ने किए कई खुलासे, जाने

फर्जी वेबसाइट बना जॉब दिलाने के नाम पर एक हजार युवाओं को ठगने वाले आरोपियों ने किए कई खुलासे, जाने

फर्जी वेबसाइट बना जॉब दिलाने के नाम पर एक हजार युवाओं को ठगने वाले आरोपियों ने कई खुलासे किए. महज11 महीने में करीब डेढ़ करोड़ रुपये युवाओं से ठगे. फर्जी कॉल सेंटर के दोनों मास्टरमाइंड ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष एक आईटी कंपनी खोली थी. उसमें लगतार घाटा होने उन पर लोन हो गया था.

इसी वजह से फर्जी कॉल सेंटर प्रारम्भ किया. गुरुवार को साइबर थाना पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें कारागार भेज दिया गया. पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने सितंबर 2018 में आईटी कंपनी बनाई थी. चार महीने से लगातार कंपनी में घाटा हो रहा था व कमाई बंद हो गई थी. ऐसे में जनवरी 2019 में फर्जी नौकरी पोर्टल की वेबसाइट बनाकर फर्जीवाड़ा प्रारम्भ किया गया. हालांकि सिर्फ दो महीने में दोनों मास्टर माइंड की मुनाफा कमाना प्रारम्भ कर दिया था.

मास्टरमाइंड ने की है इंजीनियरिंग: जांच में खुलासा हुआ कि मास्टरमाइंड आमिर तुफैल ने बीटेक की पढ़ाई की हुई है. दूसरा मास्टरमांइड पंकज ने एकाउंट ्स की पढ़ाई की हुई है. आमिर आईटी का पूरा कार्य देखता था जबकि एकाउंट ्स का जिम्मा पंकज संभालता था. हर महीने से 12 से 13 लाख रुपये कमाई करते थे. कमाई का 40 प्रतिशत भाग विभिन्न मदों के साथ कर्मचारियों के वेतन में खर्च करते थे. बाकी दोनों मास्टरमाइंड बांटते थे.

महंगे कपड़े पहनने के थे शौकीन : आरोपियों की लाखों में कमाई प्रारम्भ होने पर कर्जा भी उतर गया था. महंगे कपड़े पहनने प्रारम्भ कर दिए थे. पांच से सात हजार की मूल्य की कमीज व करीब आठ से दस हजार की पेंट पहनते थे.उन्हें फैशन व बनठन कर रहना पसंद था. पूछताछ में उन्होंने बताया कि उनको उम्मीद नहीं थी कि पुलिस उन तक पहुंच जाएगी. सब कुछ अच्छे से चल रहा था.

कमीशन पर युवकों को रखा : आरोपियों ने बताया कि उनके कॉल सेंटर में कार्य करने वाले युवकों को कमाई में कमीशन मिलता था. युवतियों को महीने के वेतन के साथ-साथ कमीशन भी अलग से दिया जाता था. ऐसे में एक युवती हर महीने 40 से 50 हजार रुपये कमाती थी.

विदेशियों के डाटा की थी तलाश

आरोपियों ने जाँच में बताया कि वह अब वह अपना कारोबारा को नए वर्ष से बढ़ाने की तैयारी कर रहे थे. इस दौरान वह विदेशी नागरिकों का डाटा लेकर उनसे सम्पर्क करते व उसके बाद उनको भी जॉब के नाम पर धोखाधड़ी करने की योजना बनाई थी. पुलिस ने अरैस्ट कर उनकी योजना पर पानी फेर दिया.