एलियन बनने की सनक में शख्स ने कटवा लिए नाक-कान, होंठ और उंगलियां, अब हो गई ऐसी हालत

एलियन बनने की सनक में शख्स ने कटवा लिए नाक-कान, होंठ और उंगलियां, अब हो गई ऐसी हालत

दुनिया में एक से बढ़कर एक लोग मौजूद हैं। अलग दिखने के लिए लोग कुछ भी करते हैं। खूबसूरत बनने की चाह में कुछ लोग प्लास्टिक सर्जरी तक कराते हैं। लेकिन क्या आपने कभी ये सोचा है कि किसी इंसान पर एलियन बनने की भी सनक चढ़ सकती है? वो भी सनक ऐसी कि उसके चक्कर में अपने शरीर के जरूरी अंगों को भी कटवा सकता है। जी हां, फ्रांस के एक शख्स पर एलियन बनने का ऐसा ही जुनून सवार हुआ है और इस जुनून में उसने अपनी नाक ही कटवा दी। इतना ही नहीं, शख्स अपने हाथ की कुछ उंगलियों और ऊपर के होंठ भी कटवा चुका है। 

फ्रांस के रहने वाले एंथनी लोफ्रेडो पर बहुत पहले से ही एलियन बनने का जुनून सवार था।इसके चक्कर में उन्होंने पहले अपने चेहरे के जरूरी अंगों को कटवा लिया था। इस बार उन्होंने अपने हाथ को एक अजीब पंजे जैसा दिखाने के लिए अपनी दो उंगलियों को कटवा दिया है, जिसकी वजह से वो सुर्खियों में आ गए हैं। आइये जानते हैं एंथनी लोफ्रेडो ने एलियन बनने की सनक में अपनी क्या हालत बना ली है...  

33 साल के एंथनी लोफ्रेडो इससे पहले अपने नाक, कान और होंठ कटवा चुके हैं। अब उन्होंने अपने बाएं हाथ की दो उंगलियों को कटवा लिया है। इसके बाद उन्होंने मैक्सिको जाकर एक सर्जरी करवाई है। सिर्फ यही नहीं एंथनी ने अपनी एलियन बनने की इच्छा पूरी करने के लिए पहले से ही काले रंग का टैटू पूरे शरीर पर गुदवा रखा है।

ब्लैक एलियन बनने की सनक में किया ऐसा हाल 

'ब्लैक एलियन' बनने के लिए उन्होंने ना जाने कितनी ही सर्जरी भी करवाई हैं। इसके अलावा उन्होंने पूरे शरीर पर टैटू गुदवा रखा है।सिर्फ शरीर ही नहीं आंखों में भी काले रंग की टैटू कराया है।रिपोर्ट्स के मुताबिक वे और भी सर्जिकल प्रोसिजर्स के जरिये खुद को ब्लैक एलियन में तब्दील करने वाले हैं।
पहले एंथनी कभी सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते थे लेकिन उससे खुश नहीं थे, क्योंकि उन्हें ब्लैक एलियन बनना था। एक दिन उन्हें लगा कि वे वैसे नहीं जी रहें, जैसे उन्हें जीना चाहिए। इसके बाद उन्होंने सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी छोड़ दी और ऑस्ट्रेलिया चले गए। जहां उन्होंने खुद को बदलना शुरू कर दिया। अब वह पूरी तरह बदल चुके हैं। 

जानिए आखिर क्यों लाल, हरा और पीला ही होता है ट्रैफिक लाइट का रंग

जानिए आखिर क्यों लाल, हरा और पीला ही होता है ट्रैफिक लाइट का रंग
आजकल इंसान की स्पीड ट्रैफिक लाइट पर निर्भर करती है। दुनिया की पहली ट्रैफिक लाइट 10 दिसंबर, 1868 को लंदन, इंग्लैंड में संसद भवन के बाहर सड़क पर लगाई गई थी। वहीं आप नहीं जानते होंगे कि रेलवे के इंजीनियर जेके नाइट ने पहली ट्रैफिक लाइट लगाई थी। रात में इसे दिखाई देने के लिए गैस का उपयोग किया जाता था। उस समय ट्रैफिक लाइट में केवल दो रंगों का इस्तेमाल होता था जो एक लाल था और दूसरा हरा, उसके काफी समय बाद ट्रैफिक लाइट्स में पीला रंग लाया गया था।
ट्रैफिक लाइट में लाल रंग डालने का कारण लोगों को सतर्क करना था। आप जानते ही होंगे कि शुरू से ही रेड कलर का मतलब रहा है 'आगे खतरा है।' इसी बात को इंगित करने के लिए लाल रंग चुना गया था। वैसे भी हम सभी इस बात से भी वाकिफ हैं कि अन्य रंगों की तुलना में लाल रंग गहरा रंग है इसके अलावा इसे दूर से भी साफ़ देखा जा सकता है। इसी वजह से इस रंग का इस्तेमाल कार या यात्री को ट्रैफिक लाइट पर रोकने के लिए करना शुरू कर दिया गया था।

पीला रंग शुरू से ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इस रंग को ट्रैफिक लाइट में रखने का कारण था कि जब पीली रोशनी हो तो यह संकेत मिले कि आप फुटपाथ को पार करने या वाहन को आगे बढ़ाने या अपनी ऊर्जा का उपयोग करने के लिए तैयार हैं।

हरे रंग को प्रकृति से जोड़कर देखते हैं। ऐसे में कहा जाता है यह रंग इस बात की तरफ इशारा करता है कि सब कुछ ठीक है। इस वजह से इसे ट्रैफिक लाइट में लाया गया ताकि यह पता चल सके कि अब वाहन को आगे बढ़ने के लिए या पैदल चलने वालों को सड़क पार करने के लिए चलना चाहिए।