UP-TET Paper Leak Case: CM योगी ने दिखाई सख्ती! पेपर लीक केस की जांच करेगी SIT

UP-TET Paper Leak Case: CM योगी ने दिखाई सख्ती! पेपर लीक केस की जांच करेगी SIT

उत्तर प्रदेश में यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2021 के प्रश्नपत्र लीक मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है. जानकारी के मुताबिक इसमें यूपी एसटीएफ के अफसरों के साथ ही यूपी पुलिस के राजपत्रित अधिकारियों और कई अन्य पुलिसकर्मियों को शामिल किया गया है. वहीं इस मामले मेंफरार आरोपियों की तलाश में 12 ठिकानों पर छापे मारे गए हैं.

यूपीटीईटी प्रश्नपत्र लीक मामले में गिरफ्तार निलंबित सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी संजय उपाध्याय और प्रिंटिंग प्रेस के मालिक राय अनूप प्रसाद की बैठक की फुटेज नोएडा के एक होटल में मिली है. इस मामले में एसटीएफ नोएडा यूनिट ने सूरजपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया था. वहीं इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है और अब एसआईटी मामले की जांच करेगी.

एसटीएफ ने मारे 12 जगहों पर छापे

इसके अलावा प्रश्नपत्र लीक मामले में फरार आरोपियों की तलाश में 12 ठिकानों पर छापा मारे गए हैं. क्योंकि इस मामले में तीन नामजद समेत कई आरोपी फरार हैं. इस मामले में नोएडा के एक होटल में निलंबित सचिव संजय उपाध्याय और प्रिंटिंग प्रेस के मालिक राय अनूप प्रसाद की मुलाकात की फुटेज के बाद ये मामला और भी ज्यादा गंभीर हो गया. जानकारी के मुताबिक संजय ने पूछताछ में कई अहम राज बताए हैं और एसटीएफ उनकी सत्यता की जांच कर रही है. दरअसल राज्य सरकार की ईमेज पर दाग लगाने वाले प्रश्नपत्र लीक मामले में प्रिंटिंग प्रेस के मालिक राय अनूप प्रसाद और निलंबित अधिकारी संजय उपाध्याय को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया गया है और दोनों ही पुलिस की हिरासत में हैं.

फरार हो गए हैं आरोपी

जानकारी के मुताबिक एसटीएफ को टीईटी पेपर लीक मामले में दो आरोपियों की लोकेशन वाराणसी और गाजीपुर जिले के अलग-अलग स्थानों पर मिली थी और इसके बाद जब वहां पर छापेमारी की गई तो आरोपी वहां से फरार हो चुके थे. एसटीएफ को सर्विलांस की मदद से यह जानकारी मिली. इसके अलावा लखनऊ में भी एसटीएफ ने सॉल्वर को रोकने में मदद करने वालों की तलाश में दो लोगों से पूछताछ की है.

टीईटी मामले में शासन रोजाना ले रहा है जानकारी

फिलहाल राज्य सरकार इस मामले को लेकर गंभीर और दोषियों के खिलाफ जल्द से जल्द कार्यवाही करना चाहती है. वहीं सरकार एसटीएफ से रोजाना इस मामले में प्रगति की जानकारी ले रही है और इसके कारण आरोपियों की तलाश में एसटीएफ के कई अधिकारियों के नेतृत्व में टीमें लगाई गई हैं. फिलहाल इस मामले में एसटीएफ के अफसरों का कहना है कि कुछ और आरोपियों के बारे में कई सुराग मिले हैं और उनसे मिलने पर संजय और राय अनूप को रिमांड पर लिया जाएगा.


Makar Sankranti 2022: बाजारों में पंजाबी चिक्की, रामदाना समेत इन चीजों की बढ़ी डिमांड

Makar Sankranti 2022: बाजारों में पंजाबी चिक्की, रामदाना समेत इन चीजों की बढ़ी डिमांड

मकर संक्रांति पर्व को लेकर थोक और फुटकर बाजारों में ग्राहकों की रौनक रही। गजक, तिल के लड्डू, पंजाबी चिक्की, रामदाना समेत गुड़ और शक्कर के बने उत्पादों की अच्छी बिक्री हुई।

नया चावल और उड़द-मूंग की दाल भी खूब बिकी। हालांकि, बाजार में महंगाई की मार भी दिखी। सोशल डिस्टेंसिंग धड़ाम रही, तमाम ग्राहक मास्क तक नहीं लगाए थे। 

कानपुर नमकीन, बेकरी, गजक, पेठा एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्मल त्रिपाठी ने बताया कि पिछले साल की तुलना में गुड़ और शक्कर के दाम बढ़े हैं। पिछले साल की तुलना में करीब 10-15 फीसदी दाम तेज हैं। गुड़ की गजक 240 रुपये किलो बिकी। गुड़ रोल और पंजाबी चिक्की का भाव 260 रुपये किलो रहा।

काले तिल का लड्डू 280 और सफेद तिल का लड्डू 260 रुपये किलो में बिका। बाजार में ग्राहकों की पसंद को देखते हुए चॉकलेट, खोवा, मेवा गजक भी हैं। इसके दाम अलग-अलग क्वालिटी के अनुसार 400 से 600 रुपये किलो तक है। महामंत्री शंकर लाल मतानी ने बताया कि बाजार में अच्छी संख्या में ग्राहक थे।

दोनों प्रकार के तिल के लड्डू, रामदाना, लइया की भी अच्छी डिमांड देखने को मिली। चावल और दाल कारोबारी सचिन त्रिवेदी ने बताया कि खिचड़ी में नया चावल ही इस्तेमाल में आता है। इसके चलते चावल और दालों की अच्छी बिक्री हुई।