माँ की जान बचाने के लिए बेटियां दे रही अपने मुंह से ऑक्सीजन

माँ की जान बचाने के लिए बेटियां दे रही अपने मुंह से ऑक्सीजन

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में मन को झकझोर देने वाली वीडियो सामने आई हैं। जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती माँ को ऑक्सीजन की कमी पर अस्पताल प्रशासन ने हाथ खड़े किए तो लाचार बेटियां मानो दुर्गा माँ का अवतार ले लिया और अपनी माँ की जान बचाने के लिए दोनों बेटियों ने अपने मुंह से माँ को ऑक्सीजन देती रही। जिसकी एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

बताया जा रहा है कि विडियो वायरल होने के बाद मरीज व तीमारदार गायब हो गए। चर्चा है कि सोशल मीडिया पर किरकिरी होता देख जिला अस्पताल प्रशासन किसी वार्ड में भर्ती कर के इलाज शुरू किया है।

सीएम साहब! इस वीडियो को गौर से देखिए। शायद इस झकझोर देने वाले वीडियो को आप न देख सके। अगर हिम्मत भी जुटाई तो रोंगटे खड़े हो जाएंगे, लेकिन अफसोस आपका जिला प्रशासन पूरी तरह आंखे बंद कर चुके हैं। फाइलों में ऑक्सीजन सिलेंडर की किल्लत दूर है, लेकिन जमीन पर ऑक्सीजन के अभाव में मरीज दम तोड़ रहे हैं। जिला अस्पताल का यह वीडियो ऑक्सीजन की कमी को पूरा करने वाले दावों की पोल खोल रहा है। लेकिन बहराइच के अधिकारी हैं कि ऑक्सीजन की कमी को स्वीकार नहीं कर रहे और तड़प रहे मरीज को बचा भी नही पा रहे।


जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती माँ की जान बचाने के लिए बेटियों द्वारा मुंह से ऑक्सीजन दिए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन अलर्ट हो गया और मरीज व तीमारदारों को वहां से हटवा दिया। मरीज को इलाज मिल रहा है या नही। यह भी कुछ नही कहा जा सकता। काश! कमियों को छुपाने में जुटा अस्पताल प्रशासन ऑक्सीजन की कमी को दूर करने में जुटता तो कई जाने बच सकती थी ।


CM योगी का बड़ा आदेश, उत्तर प्रदेश में किन कर्मचारियों काे मिलेगी वर्क फ्रॉम होम की सुविधा

CM योगी का बड़ा आदेश, उत्तर प्रदेश में किन कर्मचारियों काे मिलेगी वर्क फ्रॉम होम की सुविधा

यूपी सीम योगी आदित्यनाथ ने बोला है कि सभी सरकारी और प्राइवेट कार्यालयों में बीमार, दिव्यांग कर्मचारी और गर्भवती महिला कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' की सुविधा दी जाए. इन्हें ऑफिस आने की कोई अनिवार्यता नहीं है. इसी प्रकार, सभी सरकारी कार्यालयों में 50 परसेंट कार्मिक क्षमता से ही काम लिया जाए. एक समय मे एक तिहाई से अधिक कर्मचारी कतई मौजूद न रहें. इस व्यवस्था को तत्काल कारगर बनाया जाए.

मुख्यमंत्री ने टीम 9 के साथ मीटिंग में बोला कि कोविड संक्रमण की रोकथाम के लिए ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट' की रणनीति के साथ-साथ प्रदेशवासियों को टीकाकरण का सुरक्षा कवर प्रदान करने की रणनीति के अच्छे रिज़ल्ट देखने को मिल रहे हैं. बीते 30 अप्रैल को कुल 03 लाख 10 हजार केस सक्रिय थे. आज एक हफ्ते की अवधि में 55,000 सक्रिय केस कम हुए हैं. 24 अप्रैल को सर्वाधिक 38 हजार पॉजिटिव केस आये थे, तब से नए केस में लगातार गिरावट आ रही है. साथ ही, स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या प्रत्येक दिन बढ़ती जा रही है. रिकवरी दर बेहतर होता जा रहा है. 24 घंटे में 2,41,403 कोविड टेस्ट किए गए हैं. इसी अवधि में 28,076 नए पॉजिटिव केस की पुष्टि हुई है, जबकि 33,117 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं. वर्तमान में 2,54,118 कुल सक्रिय केस हैं. इनमें 1,98,857 लोग होम आइसोलेशन में उपचाराधीन हैं.

मुख्यमंत्री ने बोला कि  वैक्सीनेशन की प्रक्रिया प्रदेश में तेजी से चल रही है. अब तक 01 करोड़ 34 लाख 30 हजार से अधिक डोज लगाए जा चुके हैं. अधिक संक्रमण दर वाले सात जिलों में 18-44 आयु वर्ग के 85,566 लोगों को वैक्सीनेट किया जा चुका है. यह अच्छा है कि इस आयु वर्ग में वैक्सीन वेस्टेज घटकर 0.11 परसेंट रह गया है. इसे शून्य तक लाने की जरूरत है. उन्होंने बोला कि आनें वाले सोमवार से 11 और जिलों में 18-44 आयु वर्ग के टीकाकरण अभियान का शुरुआत होगा. सम्बंधित प्रभारी मंत्री/स्थानीय जनप्रतिनिधि किसी न किसी टीकाकरण केन्द्र पर मौजूद रहें. लोगों का उत्साहवर्धन के लिए जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति सहायक होगी. चिकित्सा एजुकेशन मंत्री के स्तर से वैक्सीन निर्माता कंपनियों से सतत सम्पर्क बनाये रखा जाए. प्रदेश सरकार सभी नागरिकों को टीकाकरण का सुरक्षा कवर निशुल्क मौजूद करा रही है. स्वास्थ्य जानकारों के परामर्श के मुताबिक कोविड-19 संक्रमित अथवा लक्षण वाले लोग अभी टीकाकरण न कराएं. इसी प्रकार स्वास्थ्य जानकारों का यह भी मानना है कि कोविड संक्रमित आदमी को स्वस्थ होने के न्यूनतम एक माह बाद ही वैक्सीनेशन कराना चाहिए. स्वास्थ्य संबंधी इन जरूरी जानकारियों से लोगों को जागरूक किया जाए.

मुख्यमंत्री ने बोला कि यह सुनिश्चित किया जाए कि टीकाकरण केंद्रों पर कोविड प्रोटोकॉल का कठोरता से अनुपालन हो. ऑन-द-स्पॉट  पंजीयन से अव्यवस्था हो सकती है. अनावश्यक भीड़ न हो, इसके लिए औनलाइन  पंजीयन व्यवस्था को ही लागू रखना उचित होगा. जिनकी बारी है उनसे यथासंभव एक-दो दिन पूर्व फोन से सम्पर्क कर लिया जाना उचित होगा. संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए गांव-गांव टेस्टिंग का महा अभियान चल रहा है. लोग इसमें योगदान कर रहे हैं. नज़र समितियां घर-घर जाएं, स्क्रीनिंग करें, होम आइसोलेशन के मरीजों को मेडिकल किट मौजूद कराएं. लक्षणयुक्त लोगों के बारे में आरआरटी को सूचना देकर उनका एंटीजन टेस्ट कराया जाए. डीएम और सीएमओ यह सुनिश्चित करें कि टेस्ट की यह प्रक्रिया गांव में ही हो. सीएचसी/पीएचसी पर जाने की कोई अवश्यकता नहीं है. आरआरटी की संख्या में तीन से चार गुना बढ़ोतरी के लिए विशेष कोशिश किए जाएं. कांटेक्ट ट्रेसिंग और बेहतर करने की आवश्यकता है.


जोड़ों के दर्द से छुटकारा दिलाएंगे ये रामबाण उपाय       पेट में अल्सर की समस्या को दूर करता है तांबे के बर्तन में रखा पानी       मासिक धर्म के दर्द को कम करने के लिए जरूर अपनाएं ये तरीके       बच्चों को स्कूल के लिए तैयार करते समय कभी भूलकर भी ना करें ये गलतियां       सावधान बिना मोज़े जूते पहनने से हो सकते है ये नुकसान       अनिमिया से पीड़ित लोगों के लिए फायदेमंद होता है कटहल का सेवन       डायबिटीज के खतरे को बढ़ाता है ज्यादा नमक का सेवन       क्या आप जानते है "किस" करने से भी होती है ये बीमारियाँ       गर्मियों में शरीर को हाड्रेट रखने के साथ ही ताजगी प्रदान करता है खरबूजा       मलेरिया के बुखार को उतारने के कुछ आसान उपाय       1,500 रुपये से कम कीमत में आते हैं ये शानदार नेकबैंड ईयरफोन       600mAh की पावरफुल बैटरी के साथ भारत में लॉन्च हुआ ZOOOK का नया वायरलेस माउस       महंगी हुईं आपकी चहेती Mahindra SUVs, जानिए कीमत       Volkswagen T-Roc की बुकिंग शुरू, जानिये कब से मिलेगी डिलीवरी       सिंगल चार्ज में 450 किलोमीटर दौड़ेगी Renault Megane-e SUV, जानें दमदार फीचर्स       Mahindra के बाद अब महंगी होंगी Tata की कारें, जानें नई कीमतें       Honda H’ness CB350 के दाम में फिर हुआ इजाफा, जानें कीमत       Husqvarna Vitpilen 701 स्पेशल एडिशन मॉडल से उठा पर्दा       Covid-19 महामारी के दौरान इमरजेंसी में अगर कार से कर रहे हैं लंबा सफर       सोने के दाम में तेजी, चांदी की कीमत काफी बढ़ी, जानें