यूपी के बेरोजगारों को हुनरमंद बनाएगी योगी सरकार, प्रशिक्षण के साथ मिलेगी स्वरोजगार की सौगात

यूपी के बेरोजगारों को हुनरमंद बनाएगी योगी सरकार, प्रशिक्षण के साथ मिलेगी स्वरोजगार की सौगात

उद्यान और खाद्य प्रशिक्षण संस्थान की ओर से आपको न केवल निश्शुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा बल्कि स्वरोजगार के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग की ओर से स्वरोजगार के लिए अनुदानित ऋण भी दिलाया जाएगा। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की ओर से मौसमी फलों को संरक्षित करने के साथ मुरब्बा सॉस, जैम व जैली बनाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। दो सप्ताह के प्रशिक्षण के उपरांत युवा अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। आलमबाग, अलीगंज व सप्रू मार्ग पर प्रशिक्षण केेंद्र बने हैं जहां प्रशिक्षण दिया जाता है। 

ऐसे मिलेगा प्रशिक्षणः प्रशिक्षण के लिए युवाओं को जिले के जिला उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी कार्यालय से संपर्क करना होगा। उनके माध्यम से योजना का लाभ लिया जा सकता है। विभाग की ओर से समय-समय पर अल्प अवधि के कोर्स भी संचालित होता है। 

आर्थिक सहायताः प्रशिक्षण प्राप्त युवा जिला उद्योग केंद्र, जिला खादी ग्रामोद्योग कार्यालय से संपर्क कर प्रशिक्षण उपरांत आर्थिक मदद ले सकते हैं। स्वरोजगार के लिए युवाओं को कम ब्याज दरों में अनुदानित लोन भी दिया जाता है। दो लाख से 10 लाख रुपये तक लोन जिला स्तर पर और उससे ऊपर को लोन प्रदेश स्तर के कार्यालय से मिलता है। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत भी आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। 


निर्माण और विपणन का ज्ञानः स्वरोजगार के लिए स्थापित होने वाली लघु इकाई में होने वाले उत्पादों के निर्माण और उसके विपणन की जानकारी भी युवाओं को दी जाती है। बड़े उद्योगों के प्रतिनिधि और व्यवसायी युवाओं को पूरी जानकारी देते हैं।

लघु उद्योगों के लिए खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से सहायता दी जाती है। सेवा उद्योग के साथ ही निर्माण क्षेत्र में स्वरोजगार करने वालों को सहायता दी जाती है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के अनुसार उद्योगों का चयन करने का अधिकार युवाओं के पास रहता है। मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना और प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत युवाओं को दो से 25 लाख तक की सहायता मिलती है।


अखिलेश यादव की गणित सेट, जानिए कैसे जीतेंगे 300 से अधिक विधानसभा सीटों पर चुनाव

अखिलेश यादव की गणित सेट, जानिए कैसे जीतेंगे 300 से अधिक विधानसभा सीटों पर चुनाव

उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में 400 से अधिक सीट जीतने का दावा करने वाले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 300 से अधिक सीट जीतने का गणित सेट कर लिया है। बहुजन समाज पार्टी के नेताओं को समाजवादी पार्टी में शामिल कराने के बाद अब अखिलेश यादव की निगाह भारतीय जनता पार्टी के बागी विधायक तथा अन्य नेताओं पर है।

लखनऊ में रविवार को बहुजन समाज पार्टी के कई बड़े नेताओं को समाजवादी पार्टी की सदस्यता दिलाने के कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को लेकर भी अपना पत्ता खोल दिया। उन्होंने मीडिया से कहा कि सुनने में आया है कि विधानसभा चुनाव 2022 के लिए भारतीय जनता पार्टी अपने 150 विधायकों के टिकट काटने जा रही है। इससे पहले भी भाजपा के सौ विधायक सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ विधानसभा में धरना पर बैठे थे। यह तो 250 हो गए। हमारे पास पहले से ही 50 विधायक हैं। उन्होंने कहा कि इसी कारण हमारे पक्ष में गिनती अपने आप सेट होती जा रही है। हम 2022 में 300 से अधिक सीट जीतेंगे। 300 का आंकड़ा तो बन गया है, अब बाकी की तैयारी तेज है।

समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय में रविवार को बहुजन समाज पार्टी से सांसद रहे कादिर राणा के साथ बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। समाजवादी पार्टी की सदस्यता लेने के बाद आरएस कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश में हमारे सभी समर्थक अब तो समाजवादी पार्टी के साथ हैं। पूरे प्रदेश से लोग हमारे साथ आए हैं। हम तो अपने समाज के लोगों को समाजवादी पार्टी से जोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि बसपा अपने मूल विचारों से भटक गई है। सभी पुराने नेता बसपा को छोड़कर सपा में आ रहे हैं।मुजफ्फरनगर से सांसद रहे कादिर राणा अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। इन सभी के साथ ही उत्तर प्रदेश के बड़े कर्मचारी नेता हरिकिशोर तिवारी भी समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष कर्मचारी नेता हरि किशोर तिवारी समर्थकों के साथ सपा में शामिल हुए हैं।