बहराइच के कतर्नियाघाट में हाथी का उपद्रव, दो मकान को किया क्षतिग्रस्त-लोगों ने भागकर बचाई जान

बहराइच के कतर्नियाघाट में हाथी का उपद्रव, दो मकान को किया क्षतिग्रस्त-लोगों ने भागकर बचाई जान

कतर्नियाघाट वन्य जीव प्रभाग से सटे आंबा गांव के कब्रिस्तान के पास बीती रात जंगल से निकल कर आए हाथी ने जमकर उत्पात मचाया। लोगों ने पूरी रात जागकर बिताई। सूचना पर बिछिया सदर बीट इंचार्ज जमुना विश्वकर्मा घटनास्थल पर पहुंचे और टस्कर से हुए नुकसान का आंकलन किया। महेंद्र के पक्के मकान को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और गृहस्थी का सारा सामान व बिजली के उपकरण को तहस-नहस कर दिया।

घर में रखा एक कुंतल गेंहू व लगभग 50 किलोग्राम चावल खा गया। सो रहे दंपति ने भागकर जान बचाई। इसके बाद टस्कर बगल में लक्ष्मी के कच्चे मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया। घर में रखा सामान सूंड में लपेटकर खेत में ले गया और तोड़ दिया। लगभग 50 किलोग्राम गेंहू व चावल भी खा गया। लक्ष्मीशंकर चौधरी के घर की टटिया तोड़ दी और अनाज खा गया। किसी तरह परिवारजनों ने भाग जान बचाई। हाथी की चिग्घाड़ सुनकर आसपास के ग्रामीण इकट्ठा हो गए और पटाखा दगाकर हांका लगाया और तब हाथी जंगल की तरफ भागा। ग्राम प्रधान इकरार अंसारी ने बताया कि टस्कर पिछले तीन से आ रहा है। जंगल से सटे आबादी के पास कम से कम दस सोलर लाइट लगवा दी जाय तो कुछ राहत जरूर मिल जाएगी। 

वन विभाग ने बढ़ाई गश्तः कतर्नियाघाट के वन क्षेत्राधिकारी रामकुमार ने बताया कि जंगल से सटे आबादी के पास गश्त बढ़ा दी गई है। लोगों को सजग रहने को कहा गया है। प्रार्थनापत्र मिलने के बाद मुआवजे देने की कार्यवाही की जाएगी।

हाथी को भगाने के लिए बजाया जाएगा सायरनः प्रभागीय वनाधिकारी आकाशदीप बधावन ने बताया कि हाथी को खाने के लिए अनाज मिले हैं और उसके फिर आने की संभावना है। इसलिए वन विभाग की टीम गठित की गई है। टीम पूरी रात गश्त करेगी। सायरन बजाया जाएगा और फायर किया जाएगा, जिससे हाथी आबादी की तरफ न पहुंचे। ग्रामीणो को पटाखे उपलब्ध करा दिए गए हैं।


CM के पास पहुंचा जीएसवीएम मेडिकल कालेज का मामला

CM के पास पहुंचा जीएसवीएम मेडिकल कालेज का मामला

जीएसवीएम मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर के गलत निलंबन प्रकरण को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। उन्होंने प्रमुख सचिव से रिपोर्ट तलब की है। शासन ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला से जानकारी मांगी है। ऐसे में अधिकारियों ने खुद को फंसता देखकर असिस्टेंट प्रोफेसर डा. नेहा अग्रवाल की इस प्रकरण में किसी प्रकार की गलती न होने की रिपोर्ट भेजी है। ऐसे में डा. नेहा का निलंबन वापस होने की उम्मीद जताई जा रही है।

मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआइसीयू) की प्रभारी डा. नेहा अग्रवाल ने पांच जुलाई को अपने विभागाध्यक्ष को पत्र लिखकर वेंटिलेटर की स्थिति से अवगत करा मरम्मत कराने का आग्रह किया था। विभागाध्यक्ष प्रो. यशवंत राव ने उनके पत्र का हवाला देते हुए सिर्फ एग्वा वेंटिलेटर की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। साथ ही वेंटिलेटर के रुकने की वजह से बच्चे की मौत होने का हवाला दिया था। भविष्य में ऐसे वेंटिलेटर का इस्तेमाल रोगी हित में न करने की बात कही थी। शासन ने जब रिपोर्ट तलब की तो प्राचार्य प्रो. संजय काला को गुमराह करते हुए डा. नेहा के खिलाफ आख्या शासन भिजवा दी। जब सच्चाई सामने आई तो सरकार की किरकिरी होने लगी। मुख्यमंत्री ने शासन से रिपोर्ट मांगी है। प्राचार्य प्रो. संजय काला का कहना है कि डा. नेहा के निर्दोष होने की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। उनकी कोई गलती नहीं है।


निलंबन से डाक्टरों में नाराजगी : डा. नेहा अग्रवाल का शासन के स्तर से गलत निलंबन होने से मेडिकल कालेज के चिकित्सा शिक्षकों में नाराजगी है। बाल रोग विभागाध्यक्ष एवं कालेज के प्राक्टर प्रो. यशवंत राव द्वारा अपने ही विभाग की डाक्टर के खिलाफ गलत सूचना देने की वजह से लामबंद हो रहे हैं।