नेशनल हाईवे के बाद प्रदेश सरकार के एक्सप्रेस वे पर भी फास्टैग  किया जा रहा जरूरी, जाने क्यों

नेशनल हाईवे के बाद प्रदेश सरकार के एक्सप्रेस वे पर भी फास्टैग  किया जा रहा जरूरी, जाने क्यों

नेशनल हाईवे के बाद प्रदेश सरकार के एक्सप्रेस वे पर भी फास्टैग जरूरी किया जा रहा है. यह लागू होने के बाद लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पर भी अब फास्टैग लगे वाहन फर्राटा भरेंगे.

राज्य सरकार के एक्सप्रेस वे पर भी फास्टैग जरूरी के विषय में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआइ) व उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे डेवलप्मेंट अथॉरिटी (यूपीडा) के बीच अनुबंध हुआ है. शीर्ष वरीयता पर इसको वैसे लखनऊ-आगरा व यमुना एक्सप्रेस वे पर इसे लागू किया जा रहा है. इसके बाद यूपी में निर्माण पूरा होने के बाद बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे व पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर भी फास्टैग लगे वाहन ही फर्राटा भर पाएंगे.

देश भर के हाईवे पर टोल कर वसूली के लिए फास्टैग सिस्टम 15 दिसंबर से लागू होने जा रहा है. केवल एक लेन छोड़ कर बाकी सभी लेन पर टोल भुगतान कैशलेस हो जाएगा. इससे वाहन बिना रुके टोल प्लाजा से निकल जाएंगे. वैसे इस व्यवस्था को एक्सप्रेस वे का संचालन करने वाली एजेंसी यूपीडा नहीं अपना रही थी.

 

एनएचएआइ के रीजनल आफिसर अब्दुल बासित ने बताया कि यूपीडा ने एनएचएआइ के साथ एमओयू किया है, जिसमें एक्सप्रेस वे भी फास्टैग से लैस होंगे. वे भी एनएचएआइ की तर्ज पर पूरी व्यवस्था को लागू करेंगे.

सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने टोल प्लाजा में टोल कर देने के कारण लगने वाली गाडिय़ों की लंबी लाइन व खुले पैसे की समस्या का हल करने के लिए कई टोल पर फास्टैग सुविधा प्रारम्भ की है. फास्टैग को अपने वाहन की विंड स्क्रीन पर लगाना होगा. इसे वाहन स्वामी के एकाउंट से जोड़ा जाएगा. इसमें रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआइडी) लगा होता है. जैसे ही गाड़ी टोल प्लाजा के पास पहुंचेगी टोल प्लाजा पर लगा सेंसर वाहन के विंड स्क्रीन में लगे फास्टैग रीड कर एकाउंट से उस टोल प्लाजा पर लगने वाला शुल्क काट लेगा. वाहन स्वामी बिना वहां रुके आगे बढ़ जाएंगे. फास्टैग की राशि समाप्त होते ही इसे फिर से रिचार्ज कराना पड़ेगा. फास्टैग की वैद्यता पांच साल तक होगी. पांच साल बाद नया फास्टैग गाड़ी पर लगवाना होगा.

 

मिलेगा आर्थिक लाभ

रिचार्ज व यात्रियों की सहायता के लिए चुनिंदा टोल प्लाजा पर बिक्री केंद्रों की व्यवस्था की गई है. आइसीआइसीआइ बैंक के माध्यम से अपना टैग पुन: लोड करने पर शून्य शुल्क की व्यवस्था की गई हैं. यात्रियों के मासिक एवं लोकल पास के मौजूदा आर्थिक फायदा भी मिलेगा बेहतर फंड उपयोग के लिए ट्रैक के भीतर शेष राशि का ट्रान्सफर करने की व्यवस्था भी की गई है.

 

एक्सप्रेस वे

आठ लेन में 302 किमी लंबा लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे लखनऊ से आगरा के बीच नौ जिलों को जोड़ता है. यमुना एक्सप्रेस वे छह लेन में 165 किमी लंबा मार्ग आगरा को नोएडा से जोड़ता है.