शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के सदस्य वसीम रिजवी पर दुष्कर्म का आरोप, लखनऊ में ड्राइवर की पत्नी ने दी तहरीर

शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के सदस्य वसीम रिजवी पर दुष्कर्म का आरोप, लखनऊ में ड्राइवर की पत्नी ने दी तहरीर

शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के सदस्य एवं पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी पर उनके चालक की पत्नी ने डरा धमका कर दुष्कर्म करने और अश्लील वीडियो बनाने का आरोप लगाया है। मंगलवार को महिला कई अधिवक्ताओं के साथ सआदतगंज कोतवाली पहुंची और वसीम रिजवी के खिलाफ तहरीर देकर कार्यवाही की मांग की। पुलिस तहरीर के आधार पर मामले की जांच कर रही है। इंस्पेक्टर सआदतगंज ब्रजेश यादव ने बताया कि महिला का पति वसीम रिजवी के यहां चालक था। मंगलवार को उसकी पत्नी कई अधिवक्ताओं के साथ कोतवाली पहुंची। महिला के मुताबिक कई साल से उसकी पति शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के सदस्य एवं पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी के यहां गाड़ी चलाते हैं।

महिला ने बताया कि वसीम रिजवी अक्सर यतीमखाने में ही रहते हैं। कुछ साल पहले उन्होंने पति को भी यतीमखाने के पास ही एक सर्वेंट क्वार्टर दे दिया था। उसके बाद वह भी परिवार के साथ उसी क्वार्टर में रहती है। उसने बताया कि करीब पांच साल पहले शाम को पति ने फोन किया कि उन्हें गाड़ी लेकर शहर के बाहर जाना है। पति चले गए। इसके बाद रात करीब 10 बजे वसीम रिजवी सर्वेंट क्वार्टर स्थित घर पहुंचे। दरवाजा खोला तो वह अंदर घुसते चले आए और छेड़छाड़ करने लगे। विरोध पर उन्होंने बच्चों और पूरे परिवार को मारने की धमकी दी। इसके बाद दुष्कर्म किया और अश्लील वीडियो बना लिया।

पुलिस में शिकायत करने पर पति समेत पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। महिला का आरोप है कि वसीम रिजवी अक्सर उसके पति को शहर के बाहर भेज देते और अक्सर घर आकर शारीरिक शोषण करते थे। प्रताड़ना से त्रस्त होकर 11 जून को पति को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद पति वसीम रिजवी के घर पहुंचे। विरोध किया तो उन्होंने पति के सारे कपड़े उतरवाए, मोबाइल और ड्राइविंग लाइसेंस छीन लिया। इसके बाद उन्हें जमकर पीटा। फिर धमकाते हुए भगा दिया। इसके बाद से पति और पूरा परिवार दहशत में है। इंस्पेक्टर ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है।

वीडियो और फोटो वायरल करने की देते थे धमकी

महिला का आरोप है कि वसीम रिजवी ने उसका अश्लील वीडियो बना लिया था। उसे वायरल करने की धमकी देकर अक्सर घर आते और फिर दुष्कर्म करते थे। पीड़िता ने बताया कि वह उनकी हरकतों से त्रस्त हो चुकी है। तहरीर के माध्यम से महिला ने उच्चाधिकारियों से वसीम रिजवी के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।

सुरक्षा का खतरा, विरोधियों को देता था आवागमन की जानकारी, इस लिए निकाल दिया था नौकरी से : 

शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के सदस्य एवं पूर्व अध्यक्ष वसीम रिजवी ने बताया कि चालक की पत्नी के द्वारा लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं। बीते कई सालों से मुझे आतंकी संगठनों और कुरान को लेकर दिए गए बयान को लेकर धमकियां मिल रही थीं। वहीं, चालक मेरे कुछ विरोधियों से मिला था। वह मेरे आवागमन और प्रोटोकाल से संबंधित सारी जानकारी विरोधियों को बताता था। इसकी जानकारी मुझे सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों ने दी। इसके बाद उसका मोबाइल चेक किया गया तो सारी बाते सही निकलीं। सुरक्षा के लिहाज से उसे नौकरी से निकाल दिया था और क्वार्टर भी खाली करा लिया था। इसी कारण मुझे बदनाम करने और छवि खराब करने के लिए मेरे विरोधियों ने मिलकर सारी कहानी गढ़ी है। 


CM के पास पहुंचा जीएसवीएम मेडिकल कालेज का मामला

CM के पास पहुंचा जीएसवीएम मेडिकल कालेज का मामला

जीएसवीएम मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर के गलत निलंबन प्रकरण को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। उन्होंने प्रमुख सचिव से रिपोर्ट तलब की है। शासन ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला से जानकारी मांगी है। ऐसे में अधिकारियों ने खुद को फंसता देखकर असिस्टेंट प्रोफेसर डा. नेहा अग्रवाल की इस प्रकरण में किसी प्रकार की गलती न होने की रिपोर्ट भेजी है। ऐसे में डा. नेहा का निलंबन वापस होने की उम्मीद जताई जा रही है।

मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआइसीयू) की प्रभारी डा. नेहा अग्रवाल ने पांच जुलाई को अपने विभागाध्यक्ष को पत्र लिखकर वेंटिलेटर की स्थिति से अवगत करा मरम्मत कराने का आग्रह किया था। विभागाध्यक्ष प्रो. यशवंत राव ने उनके पत्र का हवाला देते हुए सिर्फ एग्वा वेंटिलेटर की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। साथ ही वेंटिलेटर के रुकने की वजह से बच्चे की मौत होने का हवाला दिया था। भविष्य में ऐसे वेंटिलेटर का इस्तेमाल रोगी हित में न करने की बात कही थी। शासन ने जब रिपोर्ट तलब की तो प्राचार्य प्रो. संजय काला को गुमराह करते हुए डा. नेहा के खिलाफ आख्या शासन भिजवा दी। जब सच्चाई सामने आई तो सरकार की किरकिरी होने लगी। मुख्यमंत्री ने शासन से रिपोर्ट मांगी है। प्राचार्य प्रो. संजय काला का कहना है कि डा. नेहा के निर्दोष होने की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। उनकी कोई गलती नहीं है।


निलंबन से डाक्टरों में नाराजगी : डा. नेहा अग्रवाल का शासन के स्तर से गलत निलंबन होने से मेडिकल कालेज के चिकित्सा शिक्षकों में नाराजगी है। बाल रोग विभागाध्यक्ष एवं कालेज के प्राक्टर प्रो. यशवंत राव द्वारा अपने ही विभाग की डाक्टर के खिलाफ गलत सूचना देने की वजह से लामबंद हो रहे हैं।