दारोगा भर्ती के आवेदकों के लिए जरूरी सूचना, रजिस्टर्ड अभ्यर्थियों मिला अतिरिक्त मौका

दारोगा भर्ती के आवेदकों के लिए जरूरी सूचना, रजिस्टर्ड अभ्यर्थियों मिला अतिरिक्त मौका

 उत्तर प्रदेश पुलिस में पुरुष और महिलाओं के लिए उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस, पुरुषों के लिए प्लाटून कमांडर पीएसी व अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के पदों पर सीधी भर्ती 2020-21 के लिए यूपी पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड (यूपीपीबीपीबी) ने अभ्यर्थियों को बड़ी सहूलियत दी है। यूपी पुलिस एसआई और पीएसी प्लाटून कमांडर के 9534 पदों पर भर्ती के लिए चल रही आवेदन प्रकिया से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। आवेदन शुल्क जमा करने और आवेदन प्रक्रिया पूरी करने से वंचित रह गए सभी पंजीकृत अभ्यर्थियों के लिए अतिरिक्त मौका दिया गया है।

यूपी पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड के नोटिस के अनुसार, उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस, पुरुषों के लिए प्लाटून कमांडर पीएसी व अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के पदों पर सीधी भर्ती 2020-2021 के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 जून, 2021 तक जिन अभ्यर्थियों ने रिजस्ट्रेशन कराकर नंबर प्राप्त कर लिया है, लेकिन बैंकिंग सर्वर काम न कर पाने के कारण आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं, ऐसे अभ्यर्थी रजिस्ट्रेशन के बाद आवेदन शुल्क जमा करने की प्रक्रिया के लिए 25 जून, 2021 से एक जुलाई, 2021 तक पोर्टल uppbpb.gov.in पर एक्सेस कर सकते हैं।

ध्यान रखें कि किसी भी प्रकार के आरक्षण का लाभ लेने के लिए किसी प्रमाण पत्र के निर्गत होने की अंतिम तिथि 15 जून, 2021 के पूर्व की ही रहेगी। इसमें कोई परिवर्तन नहीं होगा। अब किसी नए रजिस्ट्रेशन की अनुमति भी नहीं दी जाएगी। बता दें कि भर्ती के लिए 15 जून को आवेदन की अंतिम तिथि थी। कई अभ्यर्थियों ने पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड की वेबसाइट व सर्वर में दिक्कत के चलते आवेदन न कर पाने की शिकायत भी की है। कुछ ने कोरोना संक्रमण काल का हवाला देकर भी आवेदन की तिथि बढ़ाने की मांग की थी। इसे लेकर इंटरनेट मीडिया पर कई संदेश भी वायरल हुए।

बता दें कि उत्तर प्रदेश पुलिस में पुरुष और महिलाओं के लिए उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस, पुरुषों के लिए प्लाटून कमांडर पीएसी व अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के पदों पर सीधी भर्ती 2020-21 के लिए 15 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया है। कुल 9534 पदों के लिए सूबे में अब तक की सबसे बड़ी दारोगा भर्ती में यह अभ्यर्थियों का रिकॉर्ड आवेदन है।

यूपी पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड द्वारा निकाली गई इस भर्ती में उप निरीक्षक नागरिक पुलिस के 9027 पद, पीएसी के प्लाटून कमांडर के 484 पद और अग्निशमन द्वितीय अधिकारी के 23 पद शामिल हैं।  यूपी पुलिस भर्ती व प्रोन्नति बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार इससे पूर्व दारोगा भर्ती के लिए सात से आठ लाख तक अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं। इस भर्ती के लिए यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड की ओर से 25 फरवरी, 2021 को विज्ञापन जारी किया गया था।


CM के पास पहुंचा जीएसवीएम मेडिकल कालेज का मामला

CM के पास पहुंचा जीएसवीएम मेडिकल कालेज का मामला

जीएसवीएम मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर के गलत निलंबन प्रकरण को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। उन्होंने प्रमुख सचिव से रिपोर्ट तलब की है। शासन ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला से जानकारी मांगी है। ऐसे में अधिकारियों ने खुद को फंसता देखकर असिस्टेंट प्रोफेसर डा. नेहा अग्रवाल की इस प्रकरण में किसी प्रकार की गलती न होने की रिपोर्ट भेजी है। ऐसे में डा. नेहा का निलंबन वापस होने की उम्मीद जताई जा रही है।

मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआइसीयू) की प्रभारी डा. नेहा अग्रवाल ने पांच जुलाई को अपने विभागाध्यक्ष को पत्र लिखकर वेंटिलेटर की स्थिति से अवगत करा मरम्मत कराने का आग्रह किया था। विभागाध्यक्ष प्रो. यशवंत राव ने उनके पत्र का हवाला देते हुए सिर्फ एग्वा वेंटिलेटर की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। साथ ही वेंटिलेटर के रुकने की वजह से बच्चे की मौत होने का हवाला दिया था। भविष्य में ऐसे वेंटिलेटर का इस्तेमाल रोगी हित में न करने की बात कही थी। शासन ने जब रिपोर्ट तलब की तो प्राचार्य प्रो. संजय काला को गुमराह करते हुए डा. नेहा के खिलाफ आख्या शासन भिजवा दी। जब सच्चाई सामने आई तो सरकार की किरकिरी होने लगी। मुख्यमंत्री ने शासन से रिपोर्ट मांगी है। प्राचार्य प्रो. संजय काला का कहना है कि डा. नेहा के निर्दोष होने की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। उनकी कोई गलती नहीं है।


निलंबन से डाक्टरों में नाराजगी : डा. नेहा अग्रवाल का शासन के स्तर से गलत निलंबन होने से मेडिकल कालेज के चिकित्सा शिक्षकों में नाराजगी है। बाल रोग विभागाध्यक्ष एवं कालेज के प्राक्टर प्रो. यशवंत राव द्वारा अपने ही विभाग की डाक्टर के खिलाफ गलत सूचना देने की वजह से लामबंद हो रहे हैं।