दिल का दौरा पड़ने पर सीएचसी में कराया भर्ती, मृतक का सैंपल जाँच को भेजा

दिल का दौरा पड़ने पर सीएचसी में कराया भर्ती, मृतक का सैंपल जाँच को भेजा

नगर पंचायत के वार्ड एक के धान्यू तोक में 55 वर्षीय राय सिंह पुत्र चंद्र सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अगस्त्यमुनि में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया.

शुक्रवार को तड़के लगभग चार बजे राय सिंह को दिल का दौरा पड़ा. परिजनों द्वारा उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र लाया गया. जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई.


सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डा। विशाल वर्मा की सूचना पर कोविड-19 मेडिकल टीम अस्पताल पहुंची व मृतक का सैंपल लिया. मृत शरीर को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग भेजने के बाद सीएचसी को सैनिटाइज किया गया.
राय सिंह अपनी पत्नी के साथ बीते सात मई को देहरादून से अपने घर धान्यू आए थे. यहां चिकित्सकीय जाँच के बाद उन्हें होम क्वारंटीन किया गया था. दो दिन पूर्व ही उन्होंने अपना क्वारंटीन पूरा किया था. इधर, जिला अस्पताल के सीएमएस डा। दिनेश चंद्र सेमवाल ने बताया कि मृतक के सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही पोस्टमार्टम किया जाएगा.

कंटेनमेंट जोन से आए 35 प्रवासियों को आइसोलेशन में कराया भर्ती

सीमांत जिले उत्तरकाशी में महाराष्ट्र एवं गुजरात के कंटेनमेंट जोन से लौट रहे प्रवासियों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. जिले में कंटेनमेंट जोन से करीब 35 लोग आए, जिन्हें प्रशासन ने चिह्नित कर आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया व इनके सैंपल एम्स ऋषिकेश भेज दिए. कंटेनमेंट जोन से किसी भी तरह की आवाजाही प्रतिबंधित होने के बावजूद वहां से प्रवासियों के यहां तक पहुंचने पर सवाल उठ रहे हैं.

केन्द्र सरकार की ओर से बनाई गई गाइडलाइन के अनुसार कंटेनमेंट जोन (संक्रमित क्षेत्र) से किसी भी तरह की आवाजाही पूर्णत: प्रतिबंधित की गई है. इसके बावजूद कंटेनमेंट जोन से निकलकर प्रवासी उत्तरकाशी जिले में पहुंच रहे हैं.

पुलिस की सर्विलांस एवं डिजिटल ट्रेसिंग की मदद से अभी तक मुंबई, नासिक, पुणे, सूरत आदि जिलों के चिह्नित कंटेनमेंट जोन से करीब 35 प्रवासी उत्तरकाशी में प्रवेश कर चुके हैं, जिनसे संक्रमण का खतरा है. प्रशासन ने ट्रेसिंग कर ऐसे लोगों को चिह्नित किया व क्वारंटीन से अलग कर जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती करा दिया.

कंटेनमेंट जोन के उल्लंघन पर शासन को लिखा पत्र

महाराष्ट्र, गुजरात आदि राज्यों के कंटेनमेंट जोन से निकलकर करीब 35 प्रवासी जिले में पहुंचे हैं. कंटेनमेंट जोन के उल्लंघन को लेकर शासन को लेटर लिखा जा रहा है. ताकि इस पर नियंत्रण लगाया जा सके.