किसी भी तरह के उत्पीड़न, क्राइम या अन्य कठिनाई के मामलों में पीड़ित स्त्रिया, अब महिला प्रकोष्ठ में कर सकेंगी सीधे शिकायत

किसी भी तरह के उत्पीड़न, क्राइम या अन्य कठिनाई के मामलों में पीड़ित स्त्रिया, अब महिला प्रकोष्ठ में कर सकेंगी सीधे शिकायत

किसी भी तरह के उत्पीड़न, क्राइम या अन्य कठिनाई के मामलों में अब पीड़ित स्त्रियों को एक विभाग से दूसरे विभाग के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. अब वे महिला प्रकोष्ठ में सीधे शिकायत कर सकेंगी. उनकी शिकायतों का तय समय सीमा में निवारण किया जाएगा. अपर जिलाधिकारी स्तरीय ऑफिसर की निगरानी में यह प्रकोष्ठ कार्य करेगा. प्रकोष्ठ कलेक्ट्रेट के प्रवेश द्वार के पास पुराने कैंटीन भवन में बनाया गया है.

 

वह सबकुछ जो आप जानना चाहती हैं


मैं कैसे शिकायत कर सकती हूं?
जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश बताते हैं कि महिलाएं यहां सीधे पहुंचकर जनपद स्तरीय इस प्रकोष्ठ में अपनी शिकायत कर सकती हैं. अगर वह यहां नहीं आ सकतीं तो व्हाट्सएप नंबर 9454416517 या फिर [email protected] पर अपनी शिकायत भेज सकती हैं.

किस तरह की शिकायतें यहां की जा सकती हैं?
उत्पीड़न से संबंधित कोई भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है. स्त्रियों पर क्राइम से जुड़े मामलों व उनकी अन्य समस्याओं को भी यहां दर्ज कराया जा सकता है. प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज कराने के लिए एक प्रोफार्मा तय किया गया है. इसमें छह कॉलम होंगे. संबंधित शिकायत को उसके कॉलम में दर्ज किया जाएगा.

 

जानें - शिकायत का निवारण कैसे होगा

 

शिकायत का निवारण कैसे होगा?
शिकायत दर्ज होने के बाद उसे दो श्रेणी में बांटा जाएगा. इसके बाद तय समय में उसके निस्तारण के लिए संबंधित विभाग के नामित ऑफिसर को भेजा जाएगा. अपराध, छेड़छाड़ और शारीरिक उत्पीड़न के मामलों में 24 घंटे में कार्रवाई की जाएगी. वहीं कल्याणकारी योजनाओं का फायदा न मिल पाने की शिकायतों का निस्तारण पांच से पंद्रह दिन में होगा.
 

कई बार शिकायतों का वैसे ही निस्तारण कर दिया जाता है?
इसको ध्यान में रखा गया है. इसलिए इसमें जोड़ा गया कि निवारण से पीड़िता से संतुष्ट है कि नहीं. इसकी पूरी रिपोर्ट संबंधित अधिकारी देगा. इसमें किसी भी तरह की ढिलाई और लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज कराने का क्या समय रहेगा?
 कलेक्ट्रेट परिसर स्थित महिला प्रकोष्ठ ऑफिस कक्ष सुसज्जित होने के बाद हर कार्यदिवस पर प्रातः काल 9.30 बजे से 11.30 बजे तक यह चलेगा. इस दौरान नामित महिला ऑफिसर पीड़ितों की शिकायत सुनने के लिए उपस्थित रहेंगी.

तहसीलों में भी होंगे प्रकोष्ठ
पांचों तहसीलों में भी महिला शिकायत प्रकोष्ठ होंगे. इसमे स्त्रियों के बैठने, पेयजल आदि के बंदोवस्त रहेंगे. प्रकोष्ठ में एक महिला सिपाही, एक महिला कर्मचारी व एक महिला ऑफिसर की मौजूदगी जरूरी होगी.

क्विक रिस्पॉन्स टीम भी होगी
स्त्रियों की सुरक्षा की दृष्टि से तहसील क्षेत्रों में एक क्विक रेस्पॉन्स टीम का गठन भी होगा जो प्रातः काल 6 से 9 बजे, दोपहर 12 से 2 बजे व शाम 5 से 8 बजे महिला अस्पतालों, कॉलेजों और प्रमुख कार्यस्थलों सहित बाजारों में भ्रमण करते हुए अराजक तत्वों पर नजर रखेगी.

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रकोष्ठ में जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला समाज कल्याण ऑफिसर की तरफ से एक एक कर्मचारी व पुलिस विभाग की ओर से दो महिला कांस्टेबल और होमगार्ड की तैनाती रहेगी. इसका नोडल ऑफिसर एडीएम प्रशासन और सहायक नोडल ऑफिसर एसडीएम मोहनलालगंज पल्लवी मिश्रा को बनाया गया है.

नोडल ऑफिसर प्रकोष्ठ में दर्ज होने वाले सभी मामलों के निवारण की निगरानी करेंगे व प्रतिदिन रिपोर्ट तैयार करेंगे. कलेक्ट्रेट स्थित महिला शिकायत प्रकोष्ठ में सोमवार और मंगलवार को डाक्टर अरुणिमा श्रीवास्तव तहसीलदार प्रिंसिपल मंडलीय राजस्व प्रशिक्षण विद्यालय, बुधवार और गुरुवार को मीनाक्षी द्विवेदी तहसीलदार न्यायिक सरोजनीनगर व शुक्रवार और शनिवार को कविता तहसीलदार बिजनौर सरोजनीनगर उपस्थित रहेंगी.