अयोध्या में राम मंदिर के चार प्रवेश द्वार को लेकर कैसे होगा उत्तर व दक्षिण का अनूठा संगम, यहाँ पढ़े

अयोध्या में राम मंदिर के चार प्रवेश द्वार को लेकर कैसे होगा उत्तर व दक्षिण का अनूठा संगम, यहाँ पढ़े

अयोध्या में राम मंदिर के चार प्रवेश द्वार द्रविड़ शैली के गोपुरम के रूप में बनाए जाएं. साथ ही प्रत्येक गोपुरम का नामकरण भी हो. यह प्रस्ताव पॉजिटिव इंडिया फाउंडेशन के मुख्य न्यासी एवं इतिहास पुरातत्व के ज्ञाता डाक्टर प्रदीप दीक्षित ने भेजा है.  

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज, महामंत्री चंपत राय को ईमेल व डाक द्वारा यह प्रस्ताव भेजा गया है. डाक्टर दीक्षित ने बोला कि अगर मंदिर के प्रवेश द्वार गोपुरम के अनुरूप बनाने का प्रस्ताव पारित हो जाता है तो राम मंदिर में उत्तर व दक्षिण का अनूठा संगम देखने को मिलेगा.

उन्होंने बोला कि गोपुरम का नाम महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य व शबरी के नाम पर रखा जाना चाहिए. इसके अतिरिक्त राम मंदिर परिसर में रामकथा समय यात्रा अंतराल के नाम से एक गैलरी स्थापित की जानी चाहिए.
इस गैलरी में उन कवियों और विद्वानों की मूर्ति स्थापित करना चाहिए जिन्होंने राम कथा को हिंदुस्तान की आत्मा का विकल्प बना दिया. ऋषि बाल्मीकि से लेकर ऋषि तुलसीदास तक की विभूतियों की मूर्तियों की स्थापना की जानी चाहिए.  इस मौके पर अलका दीक्षित भी उपस्थित थीं.