कोर कमेटी का 2022 में जीत को लेकर मंथन, बीएस संतोष के साथ CM योगी मौजूद

कोर कमेटी का 2022 में जीत को लेकर मंथन, बीएस संतोष के साथ CM योगी मौजूद

 भारतीय जनता पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से जीत को लेकर बेहद गंभीर है। भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष का 15 दिन में लगातार दूसरा लखनऊ का दौरा इस गंभीरता को दर्शा रहा है। बीएस संतोष ने सोमवार के बाद मंगलवार को भी कोर टीम के साथ बैठक की।

भाजपा उत्तर प्रदेश के मुख्यालय में भाजपा कोर कमेटी की बैठक में बीएल संतोष के साथ भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रभारी पूर्व केंद्रीय मंत्री राधा मोहन सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा के साथ भाजपा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह व भाजपा उत्तर प्रदेश के महामंत्री संगठन सुनील बंसल भी मौजूद थे। कोर कमेटी की इस बैठक में भाजपा उत्तर प्रदेश के पूर्व अध्यक्षों के साथ ही योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल के कैबिनेट मंत्री तथा नवनियुक्त भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष विधान परिषद सदस्य अरविंद कुमार शर्मा भी थे।

भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष तथा शीर्ष पदाधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके मंत्रियों को बैठक में मिशन 2022 में जीत का लक्ष्य दिया गया। इसको भी लेकर काफी मंथन किया गया था। इसमें मतदाता तथा बूथ मैनेजमेंट के साथ ही पिछले कड़वे अनुभव पर विशेष फोकस किया गया। बीएल संतोष ने कहा कि आप सभी को विशेष ध्यान रखना है कि हाल के बंगाल विधानसभा के चुनाव परिणाम उत्तर प्रदेश में असर न डालें। हम सभी को बंगाल चुनाव के नतीजों से सबक लेने की जरुरत है। वहां पर हुई कोई भी गलती यहां पर न दोहराई जाए। हम सभी को 2022 का विधानसभा हर हाल में जीतना है। कोर कमेटी की इस बैठक में यूपी के सियासी हालात पर चर्चा हुई।

भाजपा की इस बैठक के बाद माना जा रहा है कि अगले महीने काम का भी परीक्षण होगा। अगले महीने गृह मंत्री अमित शाह के साथ ही भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का भी लखनऊ दौरा हो सकता है। राष्ट्रीय महामंत्री संगठन महामंत्री बीएल संतोष और उत्तर प्रदेश राधा मोहन सिंह के लखनऊ दौरे की रिपोर्ट पर गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी उत्तर प्रदेश को लेकर मंथन करेंगे।  


CM के पास पहुंचा जीएसवीएम मेडिकल कालेज का मामला

CM के पास पहुंचा जीएसवीएम मेडिकल कालेज का मामला

जीएसवीएम मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर के गलत निलंबन प्रकरण को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। उन्होंने प्रमुख सचिव से रिपोर्ट तलब की है। शासन ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला से जानकारी मांगी है। ऐसे में अधिकारियों ने खुद को फंसता देखकर असिस्टेंट प्रोफेसर डा. नेहा अग्रवाल की इस प्रकरण में किसी प्रकार की गलती न होने की रिपोर्ट भेजी है। ऐसे में डा. नेहा का निलंबन वापस होने की उम्मीद जताई जा रही है।

मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआइसीयू) की प्रभारी डा. नेहा अग्रवाल ने पांच जुलाई को अपने विभागाध्यक्ष को पत्र लिखकर वेंटिलेटर की स्थिति से अवगत करा मरम्मत कराने का आग्रह किया था। विभागाध्यक्ष प्रो. यशवंत राव ने उनके पत्र का हवाला देते हुए सिर्फ एग्वा वेंटिलेटर की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। साथ ही वेंटिलेटर के रुकने की वजह से बच्चे की मौत होने का हवाला दिया था। भविष्य में ऐसे वेंटिलेटर का इस्तेमाल रोगी हित में न करने की बात कही थी। शासन ने जब रिपोर्ट तलब की तो प्राचार्य प्रो. संजय काला को गुमराह करते हुए डा. नेहा के खिलाफ आख्या शासन भिजवा दी। जब सच्चाई सामने आई तो सरकार की किरकिरी होने लगी। मुख्यमंत्री ने शासन से रिपोर्ट मांगी है। प्राचार्य प्रो. संजय काला का कहना है कि डा. नेहा के निर्दोष होने की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। उनकी कोई गलती नहीं है।


निलंबन से डाक्टरों में नाराजगी : डा. नेहा अग्रवाल का शासन के स्तर से गलत निलंबन होने से मेडिकल कालेज के चिकित्सा शिक्षकों में नाराजगी है। बाल रोग विभागाध्यक्ष एवं कालेज के प्राक्टर प्रो. यशवंत राव द्वारा अपने ही विभाग की डाक्टर के खिलाफ गलत सूचना देने की वजह से लामबंद हो रहे हैं।