कमरे में बंद कर बच्ची को दिखा रहा था अश्लील फिल्म, कर रहा था गंदी बात

कमरे में बंद कर बच्ची को दिखा रहा था अश्लील फिल्म, कर रहा था गंदी बात

हरपुर बुदहट इलाके की सात वर्षीय एक बच्ची को कमरे में बंद कर अश्लील फिल्म दिखाने और छेड़खानी करने की घटना सामने आई है। बच्ची की उम्र सात वर्ष बताई जा रही है। पीडि़ता के पिता ने पड़ोस के युवक के विरुद्ध नामजद तहरीर दी है। पुलिस ने घटना की छानबीन कर कार्रवाई करने की बात कही है।

रविवार की शाम को पांच बजे के आसपास बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। आरोप है कि पड़ोस का युवक आया और टाफी दिलाने के बहाने उसे साथ लेकर चला गया। कुछ देर बाद बच्ची बदहवास हालत में घर लौटी। मां के पूछने पर उसने पड़ोसी युवक के कमरे में बंद कर अश्लील फिल्म दिखाने और छेड़खानी करने के बारे में बताया। बच्ची का पिता मजदूरी करता है। देर शाम वह घर लौटा तो घटना के बारे में उसे पता चला। बच्ची को साथ लेकर थाने पहुंचा और घटना के संबंध में तहरीर दी। हरपुर थानेदार उदय शंकर कुशवाहा ने बताया कि शिकायत मिली है। घटना की छानबीन की जा रही है।

दुष्कर्म के आरोपित को भेजा जेल

घर में घुसकर किशोरी से दुष्कर्म करने और उसकी आपत्तिजनक फोटो इंटरनेट मीडिया पर वायरल करने के आरोपित अभिजीत प्रजापति को बांसगांव पुलिस ने भटवली बाजार चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। न्यायिक अभिरक्षा में उसे जेल भेज दिया गया है। इस मामले में आरोपित के विरुद्ध घर में घुसकर दुष्कर्म और छेड़खानी करने, धमकी देने तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज है। वहीं झंगहा इलाके के जंगल रसलपुर नंबर एक, टोला खपरियाभार निवासी फौजदार यादव का गांव के बाहर बाग में शव मिला है। परिवार के लोगों के मुताबिक रविवार को सुबह छह बजे के आसपास वह नित्यक्रिया के लिए निकले थे। इसके बाद घर नहीं लौटे। काफी तलाश करने के बाद भी उनका पता न चलने पर बेटे ने झंगहा थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। सोमवार को दिन में डेढ़ बजे के आसपास गांव के बाहर बाग में उनका शव मिला।

कच्ची शराब के साथ गिरफ्तार

धनघटा, संतकबीरनगर के तुर्कवलिया नायक निवासी कालेंद्र उर्फ अमित को बेलघाट पुलिस ने कच्ची शराब के साथ गिरफ्तार किया है। उसके पास से शराब बनाने प्रयोग किया जाने वाला सामान भी बरामद हुआ है। पुलिस के मुताबिक आरोपित कच्ची शराब की तस्करी के धंधे में लिप्त है। काफी दिन से उसकी तलाश चल रही थी।


CM के पास पहुंचा जीएसवीएम मेडिकल कालेज का मामला

CM के पास पहुंचा जीएसवीएम मेडिकल कालेज का मामला

जीएसवीएम मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर के गलत निलंबन प्रकरण को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। उन्होंने प्रमुख सचिव से रिपोर्ट तलब की है। शासन ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला से जानकारी मांगी है। ऐसे में अधिकारियों ने खुद को फंसता देखकर असिस्टेंट प्रोफेसर डा. नेहा अग्रवाल की इस प्रकरण में किसी प्रकार की गलती न होने की रिपोर्ट भेजी है। ऐसे में डा. नेहा का निलंबन वापस होने की उम्मीद जताई जा रही है।

मेडिकल कालेज के बाल रोग विभाग के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआइसीयू) की प्रभारी डा. नेहा अग्रवाल ने पांच जुलाई को अपने विभागाध्यक्ष को पत्र लिखकर वेंटिलेटर की स्थिति से अवगत करा मरम्मत कराने का आग्रह किया था। विभागाध्यक्ष प्रो. यशवंत राव ने उनके पत्र का हवाला देते हुए सिर्फ एग्वा वेंटिलेटर की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। साथ ही वेंटिलेटर के रुकने की वजह से बच्चे की मौत होने का हवाला दिया था। भविष्य में ऐसे वेंटिलेटर का इस्तेमाल रोगी हित में न करने की बात कही थी। शासन ने जब रिपोर्ट तलब की तो प्राचार्य प्रो. संजय काला को गुमराह करते हुए डा. नेहा के खिलाफ आख्या शासन भिजवा दी। जब सच्चाई सामने आई तो सरकार की किरकिरी होने लगी। मुख्यमंत्री ने शासन से रिपोर्ट मांगी है। प्राचार्य प्रो. संजय काला का कहना है कि डा. नेहा के निर्दोष होने की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। उनकी कोई गलती नहीं है।


निलंबन से डाक्टरों में नाराजगी : डा. नेहा अग्रवाल का शासन के स्तर से गलत निलंबन होने से मेडिकल कालेज के चिकित्सा शिक्षकों में नाराजगी है। बाल रोग विभागाध्यक्ष एवं कालेज के प्राक्टर प्रो. यशवंत राव द्वारा अपने ही विभाग की डाक्टर के खिलाफ गलत सूचना देने की वजह से लामबंद हो रहे हैं।