गोरखपुर में बाले सीएम योगी, सबकुछ सरकार के भरोसे नहीं होता, लोग भी सामने आएं

गोरखपुर में बाले सीएम योगी, सबकुछ सरकार के भरोसे नहीं होता, लोग भी सामने आएं

मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ ने कहा क‍ि सब कुछ सरकार के भरोसे नही होता, लोगों को भी आगे आना चाहिए। जितनी यूपी की आबादी है उससे अधिक लोग प्रयागराज कुंभ में आये थे। पहले लोग यूपी का नाम सुनकर किसी को कमरा नही देते थे पर आज लोग यूपी का नाम सुनकर सहर्ष तैयार होते हैं क्योंकि उनको लगता है कि आनेवाला राम, कृष्ण और संतों का प्रतिनिधि है।

ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 52वीं और महंत अवेद्यनाथ की सातवीं पुण्यतिथि पर आयोजित समारोह के क्रम में गोरखनाथ मंद‍िर में शुक्रवार को आयोज‍ित महंत अवेद्यनाथ की श्रद्धांज‍ल‍ि सभा में सीएम ने कहा क‍ि गुरु अवेद्यनाथ की आज 7वीं पुण्यतिथि है। श्राद्ध पक्ष में ही दोनो पूर्व महंतों ने अपना शरीर छोड़ा था। जिसने 50 साल पहले इस पीठ को देखा होगा उसे आज परीवर्तन दिखाई दिया होगा। 1932 में महाराणा शिक्षा परिषद की स्थापना हुई और उसके बाद लगातार अलग अलग विषयों के विद्यालय की स्थापना हुई।


अयोध्‍या में लगता है क‍ि गोरखपुर में हूं

उन्‍होंने कहा क‍ि 1949 में अयोध्या में रामलला का प्रकटीकरण हुआ था और इसमें मौजूद लोगों को महंत दिग्विजय नाथ जी का संरक्षण प्राप्त था। मैं जब अयोध्या जाता हूँ तो पता नही चलता है की मैं गोरखपुर में हूं या अयोध्या में। वहां पर सब अपने लगते हैं। योग हजारों वर्षों की विरासत है। कोरोना के दौरान आयुष काढ़ा और आयुष कवच का लोगों ने खूब प्रयोग किया। अमेरिका में भी तुलसी का खूब प्रचलन कोरोना काल मे हुआ।

 
देश के ल‍िए शूल था अनुच्‍छेद 370

गृह मंत्री अमित शाह कश्मीर से अनुच्‍छेद 370 को हटाया क्योंकि यह देश के लिये शूल था। दुनिया का बौद्ध सिख हिंदू संकट में भारत को याद करता है और भारत उनको सहर्ष स्वीकार करता हैं। पहले की सरकारों में आतंकवादियों के मुकदमे वापस होते थे उनका महिमामंडन होता था पर आज ऐसा कोई नही कर पा रहा है। अच्छे प्रयास को प्रोत्साहित और गलत प्रयास को हतोत्साहित किया जाना चाहिए। पीठ ने हमेशा भारत के हित की बात करने वाले का समर्थन किया है।


अखिलेश यादव की गणित सेट, जानिए कैसे जीतेंगे 300 से अधिक विधानसभा सीटों पर चुनाव

अखिलेश यादव की गणित सेट, जानिए कैसे जीतेंगे 300 से अधिक विधानसभा सीटों पर चुनाव

उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में 400 से अधिक सीट जीतने का दावा करने वाले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 300 से अधिक सीट जीतने का गणित सेट कर लिया है। बहुजन समाज पार्टी के नेताओं को समाजवादी पार्टी में शामिल कराने के बाद अब अखिलेश यादव की निगाह भारतीय जनता पार्टी के बागी विधायक तथा अन्य नेताओं पर है।

लखनऊ में रविवार को बहुजन समाज पार्टी के कई बड़े नेताओं को समाजवादी पार्टी की सदस्यता दिलाने के कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं को लेकर भी अपना पत्ता खोल दिया। उन्होंने मीडिया से कहा कि सुनने में आया है कि विधानसभा चुनाव 2022 के लिए भारतीय जनता पार्टी अपने 150 विधायकों के टिकट काटने जा रही है। इससे पहले भी भाजपा के सौ विधायक सीएम योगी आदित्यनाथ के खिलाफ विधानसभा में धरना पर बैठे थे। यह तो 250 हो गए। हमारे पास पहले से ही 50 विधायक हैं। उन्होंने कहा कि इसी कारण हमारे पक्ष में गिनती अपने आप सेट होती जा रही है। हम 2022 में 300 से अधिक सीट जीतेंगे। 300 का आंकड़ा तो बन गया है, अब बाकी की तैयारी तेज है।

समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय में रविवार को बहुजन समाज पार्टी से सांसद रहे कादिर राणा के साथ बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष आरएस कुशवाहा ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। समाजवादी पार्टी की सदस्यता लेने के बाद आरएस कुशवाहा ने कहा कि प्रदेश में हमारे सभी समर्थक अब तो समाजवादी पार्टी के साथ हैं। पूरे प्रदेश से लोग हमारे साथ आए हैं। हम तो अपने समाज के लोगों को समाजवादी पार्टी से जोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि बसपा अपने मूल विचारों से भटक गई है। सभी पुराने नेता बसपा को छोड़कर सपा में आ रहे हैं।मुजफ्फरनगर से सांसद रहे कादिर राणा अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। इन सभी के साथ ही उत्तर प्रदेश के बड़े कर्मचारी नेता हरिकिशोर तिवारी भी समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष कर्मचारी नेता हरि किशोर तिवारी समर्थकों के साथ सपा में शामिल हुए हैं।