560 गरीब बच्चों के लिए बने मसीहा, सचिन तेंदुलकर ने किया बेहद नेक काम

560 गरीब बच्चों के लिए बने मसीहा, सचिन तेंदुलकर ने किया बेहद नेक काम

टीम इंडिया के पूर्व महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को 'क्रिकेट का भगवान' बोला जाता है। यह लाजिमी भी है, क्योंकि मास्टर ब्लास्टर ने तेंदुलकर ने क्रिकेट जगत में कई बड़े रिकॉर्ड जो बनाए हैं। लेकिन क्रिकेट से संन्यास के 7 बाद भी तेंदुलकर मैदान के बाहर भी अपनी वही छवि बनाए रखने में कायम हैं। अकसर देखा गया है कि हर किसी जरूरमंद के लिए सबसे आगे खड़े रहते हैं, अब उन्होंने आर्थिक रूप से निर्बल 560 बच्चों के भरण पोषण व एजुकेशन का जिम्मा लिया है।  

560 गरीब आदिवासी बच्चों के लिए सचिन तेंदुलकर बने मसीहा
बताते चलें कि सचिन तेंदुलकर ने एक गैर सरकारी संगठन (NGO) के साथ मिलकर आर्थिक रूप से निर्बल 560 आदिवासी बच्चों की हर सहायता करने संकल्प लिया है। सचिन तेंदुलकर ने एनजीओ परिवार (NGO Parivaar) नामक एक संगठन से हाथ मिलाकर इस नेक कार्य को कर रहे हैं। इस एनजीओ ने मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के आसपास व दूर के गांवों में सेवा कुटीर निर्माण कार्य अच्छे स्तर पर किया है।

सचिन तेंदुलकर के इस सराहनीय कदम व संस्था की सहायता की वजह से सीहोर जिले के बीलपति, सेवानिया, खापा, जामुनझील व नयापुरा गांव के बच्चों को एजुकेशन व पौष्टिक भोजन की व्यवस्था मुहैया कराई जा रही है। इन बच्चों के नाता उस इलाके की मुख्य रूप से बरेला भील व गोंड जनजातियों से, जिन्हें आदिवासी माना जाता है। इस आधार सचिन इन बच्चों के लिए एक मसीहा का कार्य कर रहे हैं।  

एनजीओ ने खोला सचिन की महानता का राज
दरअसल मानवता के तौर पर सचिन तेंदुलकर जो नेक काम कर रहे हैं। उसकी समाचार उन्होंने किसी को नहीं दी है।   लेकिन जिस एनजीओ परिवार के तहत वह यह उम्दा कार्य कर रहे हैं, उसने ही सचिन तेंदुलकर की महानता का परिचय कराया है। एनजीओ ने बताया है कि तेंदुलकर का यह शानदार कदम मध्य प्रदेश के उन आदिवासी बच्चों के लिए उनकी चिंता का सबूत है, जो कुपोषण जैसी गंभीर समस्या व अशिक्षा से जूझ रहे हैं।

सचिन तेंदुलकर यूनिसेफ के सद्धभावना दूत के रूप में नियमित रूप से बच्चों के प्रारंभिक विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपनी बात रखते रहे हैं। वास्तव में देखा जाए तो सचिन तेंदुलकर ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया है कि आखिर क्यों उन्हें क्रिकेट में भगवान का दर्जा दिया जाता है। क्योंकि मैदान पर अपने रिकॉर्ड व उसके बाहर अपने शानदार व्यक्तित्व के लिए वह विश्व मशहूर हैं।