आईसीसी ने नहीं माना शोएब का रिकॉर्ड, जानिए क्यों

आईसीसी ने नहीं माना शोएब का रिकॉर्ड, जानिए क्यों

हर तेज गेंदबाज का सपना 100 मील प्रति घंटे की गति से गेंद फेंकने का होता है, मगर ये इतना सरल नहीं है। लगभग सभी क्रिकेटर्स का ये एक सपना ही बनकर रह जाता है। 

मगर संसार का एक ऐसा गेंदबाज भी है, जो इतनी तेज गेंद फेंक चुका है व ऐसा बल्‍लेबाज भी है, जो इस गति का सामना कर चुका है। करीब 18 वर्ष साल शोएब अख्‍तर ने 100 मील प्रति घंटे की गति से गेंद फेंकी थी। शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) संसार के इकलौते गेंदबाज हैं जिन्होंने इस कार्य को किया है। उन्होंने 27 अप्रैल को कारनामा न्यूजीलैंड के विरूद्ध लाहौर वनडे में कर दिखाया था। सबसे तेज गेंद फेंकने के मुद्दे में तो हर किसी को शोएब अख्‍तर का नाम याद हो गया है, मगर क्‍या आप उस बल्‍लेबाज को जानते हैं, जो इस गेंद के सामने खड़ा था। जिसने इस सामना किया।

वो बल्‍लेबाज न्यूजीलैंड के क्रेग मैकमिलन थे, जिन्‍होंने 100 मील प्रति घंटा की गति से आई गेंद (Shoaib Akhtar Fastest Bowl) का सामना किया था। हालांकि शोएब अख्‍तर की इस गेंद पर टकराव भी हो गया था, क्योंकि इस रिकॉर्ड को आईसीसी ने मानने से मना कर दिया।


आईसीसी ने शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar Fastest Bowl) की इस गेंद को संसार की सबसे तेज गेंद नहीं माना। यही नहीं आईसीसी ने तो स्पीड गन के स्पॉन्सर पर ही सवालिया निशान खड़े कर दिए थे। हालांकि मैच के बाद पीसीबी ने एक बयान जारी करके बोला था कि स्पॉन्सर ने जो स्पीड गन मैदान पर लगाई थी उसके मुताबिक शोएब अख्तर ने 161 किमी। प्रति घंटे की गति से गेंद फेंकी। हालांकि इसके बावजूद आईसीसी ने इसे रिकॉर्ड बुक में शामिल नहीं किया।



आईसीसी को दिया करारा जवाब
आईसीसी ने इस रिकॉर्ड को मानने से मना करने के बाद उस समय तो शोएब अख्‍तर कुछ नहीं बोले, मगर उन्‍होंने एक वर्ष बाद ही 22 फरवरी 2003 को अपनी गेंदबाजी से ही इसका जवाब दिया। शोएब अख्तर ने फिर से 100 मील प्रति घंटे की गति से गेंद फेंकी। इस बार उन्होंने वर्ल्ड कप के लीग मैच के दौरान इंग्लैंड के विरूद्ध ये कारनामा किया था। केपटाउन में 161.3 किमी प्रति घंटे की गति से गेंद फेंकने के बाद शोएब अख्तर ने दो उंगलियां दिखाई, जिसमें वो आईसीसी व संसार को बताना चाह रहे थे कि उन्होंने दूसरी बार ये कारनामा किया है।