Zoom ऐप का प्रयोग जारी रखने के लिए करना होगा ये काम

Zoom ऐप का प्रयोग जारी रखने के लिए करना होगा ये काम

 वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप Zoom में सिक्योरिटी व प्राइवेसी को लेकर बड़ा परिवर्तन किया गया है. इसके तहत कंपनी ने Zoom ऐप यूजर्स को 30 मई से नया अपडेट Zoom 5.0 देना प्रारम्भ कर दिया है. 

कंपनी का दावा है कि इस अपडेट से Zoom ऐप पहले से ज्यादा सुरक्षित हो जाएगा. कंपनी ने एक ब्लॉग पोस्ट के जरिए जानकारी दी कि 30 जून के पहले तक जूम को जूम रूम कंट्रोलर्स व जूम रूम्स के बीच इनक्रिप्टेड कर दिया जाएगा. इससे पहले तक Zoom ऐप स्टैंडर्ड AES-256 ECB इन्स्क्रिप्ट पर कार्य करता था, जिसे अब शिफ्ट करके AES-256-bi GCM एन्स्क्रिप्ट सपोर्ट दिया गया है, जो पहले से ज्यादा प्राइवेसी के साथ ज्यादा सुरक्षित है. हालांकि यह अभी भी फुल-प्रूफ end-to-end इन्स्क्रिप्ट वाला नही है, जैसा कि WhatsApp व Google Meet में देखने को मिलता है. हालांकि यह जरूर है कि GCM एन्स्क्रिपिट पहले से बेहतर है.

Zoom ऐप का प्रयोग जारी रखने के लिए यूजर्स को इसे अपडेट करना जरूरी होगा. Zoom 5.0 की तरफ से नया सिक्योरिटी आइकन लाया गया है, जो कई सारे नए सिक्योरिटी विशेषता से कनेक्ट करता है. अब यूजर्स खुद को सीधे छोटी स्क्रीन पर शिफ्ट कर सकेंगे. साथ ही बैठक लॉकिंग व स्क्रीन शेयरिंग के ऑप्शन को सिक्योर कर सकेंगे. Zoom की तरफ से बोला गया है कि मीटिंग, वेबिनार व क्लाउड रिकॉर्डिंग के लिए न्यूनतम डिफॉल्ट पासवर्ड की लंबाई छह अक्षरों की होनी चाहिए. साथ ही अब Zoom ऐप में अनऑथराइज्ड ऐक्सेस की पहचान के लिए कंट्रोल दिए गए हैं. इसके अतिरिक्त नए उपभोक्ता इंटरफेस अपडेट की वजह से होस्ट अब बैठक को खत्म करने या बीच में छोड़ने का निर्णय कर सकते हैं.

बता दें कि पिछले दिनों Zoom पर प्रतिबंध को लेकर उच्चतम न्यायालय में एक याचिका दायर की गई थी. इस याचिका में बोला गया था कि Zoom ऐप राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है व इससे हिंदुस्तान में साइबर हमलों व साइबर क्राइम में इजाफा दर्ज किया जा सकता है. इसके अतिरिक्त Zoom ने भी यह स्वीकार किया था कि उसके प्लेटफॉर्म से हिंदुस्तानियों का डाटा लीक हुआ है. इसके बाद Zoom ऐप पर बैन लगाने की तैयारी की जा रही है.