बंबई उच्च न्यायालय में मेहुल चोकसी की याचिका खारिज

बंबई उच्च न्यायालय में मेहुल चोकसी की याचिका खारिज

मुद्दे में बुधवार को विशेष कोर्ट ने नीरव मोदी (Nirav Modi) सहित तीन लोगों के विरूद्ध नोटिस जारी कर 15 जनवरी तक न्यायालय के सामने हाज़िर होने का आदेश दिया है। अगर तीनों आरोपी न्यायालय में हाजिर नहीं होंगे तो उन्हें फरार घोषित किया जाएगा। नीरव मोदी (Nirav Modi) के साथ उसके करीबी निशल मोदी व सुभाष परब के विरूद्ध भी विशेष CBI न्यायालय ने समन जारी कर उन्हें न्यायालय में हाजिर होने का आदेश दिया है।  

कोर्ट ने साफ बोला है कि अगर ये तीनों आरोपी न्यायालय के सामने हाजिर नहीं होते तो इनको को फरार घोषित किया जाएगा। कानूनन किसी आरोपी को फरार घोषित किया जाता है तो जाँच एजेंसी उसकी प्रॉपर्टी पर कार्रवाई कर सकती है।  

गौरतलब है कि पीएमएल न्यायालय गुरुवार को आर्थिक क्राइम मुद्दे में नीरव मोदी (Nirav Modi) के फरार होने के संदर्भ में निर्णय सुना सकता है। स्पेशल प्रवर्तन निदेशालय न्यायालय में प्रवर्तन निदेशालय ने नीरव मोदी (Nirav Modi) को फरार घोषित किया जाए ऐसी अर्जी दी थी। पंजाब नेशनल बैंक का घोटाला 12 हज़ार करोड़ का घोटाला है। जाली दस्तावेज के सहारे लोन लेने के मुद्दे की जाँच एजेंसियां कर रही हैं।

बंबई उच्च न्यायालय में मेहुल चोकसी की याचिका खारिज
भगोड़े हीरा करोबारी मेहुल चोकसी की याचिका बुधवार को Bombay High Court ने खारिज कर दी। चोकसी ने अपनी याचिका में उसे भगोड़ा आर्थिक क्रिमिनल घोषित करने को लेकर विशेष पीएमएलए न्यायालय में चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की थी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के एडवोकेट हितेन वेनेगांवकर ने बताया कि अपने सम्बन्धी नीरव मोदी (Nirav Modi) के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को 13,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की चपत लगाने के मुद्दे में आरोपी चोकसी ने 2018 में हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी।

पीएनबी को 13,500 करोड़ रुपये से अधिक का चूना लगाने के इस मुद्दे में चोकसी के साथ-साथ उसका भांजा नीरव मोदी (Nirav Modi) भी आरोपी है। वेनेगांवकर ने आईएएनएस को बताया, 'ईडी ने नए भगोड़ा आर्थिक क्रिमिनल कानून (एफईओए) 2018 के तहत चोकसी को भगोड़ा आर्थिक क्रिमिनल घोषित करने की मांग को लेकर विशेष पीएमएलए न्यायालय के समक्ष आवेदन किया था। '

इसके बाद चोकसी ने Bombay High Court में याचिका दायर कर धनशोधन समाधान अधिनियम (पीएमएलए) की विशेष न्यायालय की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की थी। न्यायमूर्ति बी। पी। धर्माधिकारी व न्यायमूर्ति एस। एस। जाधव की खंडपीठ ने उसकी याचिका खारिज कर दी व अब मुद्दे में विशेष पीएमएलए न्यायालय के समक्ष कार्यवाही जारी रहेगी।

कानून के जानकार बताते हैं कि अगर किसी आदमी के विरूद्ध 100 करोड़ या उससे अधिक राशि की धोखाधड़ी के आरोप में वारंट जारी किया गया हो व वह देश छोड़कर भाग गया हो व उसने वापस आने से इन्कार कर दिया हो तो जो उसे एफईओए के तहत भगोड़ा आर्थिक क्रिमिनल घोषित किया जा सकता है।