सरकार ने इस ऐप को Smart Phone यूजर्स के लिए जरूरी कर दिया

 सरकार ने इस ऐप को Smart Phone यूजर्स के लिए जरूरी कर दिया

अप्रैल में कोरोना वायरस महामारी से लड़ रही संसार के लिए दो टेक्नोलॉजी कंपनियां Apple व Google साथ आईं थी. दोनों ही कंपनियों ने COVID-19 कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए

API में परिवर्तन करने का निर्णय किया था. इन दोनों कंपनियों ने इस फीचर को हिंदुस्तान में भी भूमिका आउट किया है, लेकिन हिंदुस्तान में यह फीचर यूजर्स के लिए ज्यादा मददगार नहीं है. इसके पीछे की वजह ये है कि Google व Apple ने अपने API में परिवर्तन इसलिए किया था कि हेल्थ एजेंसीज को कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में मदद मिले. हिंदुस्तान में पहले से ही स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा Aarogya Setu ऐप को लॉन्च किया गया है जो कि कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में मदद करता है. सरकार ने इस ऐप को Smart Phone यूजर्स के लिए जरूरी भी कर दिया है, ताकि कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग की जा सके.

इस वजह से नहीं करता है काम

Android यूजर्स को Google का ये COVID-19 कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग फीचर सेटिंग्स ऑप्शन में दिखेगा. वहां यूजर्स COVID-19 Exposure Notifications के नाम से इसे देख सकेंगे. iOS यूजर्स के लिए भी इस फीचर को हिंदुस्तान में भूमिका आउट किया जा चुका है. हिंदुस्तान में यह फीचर इसलिए कार्य नहीं करता है क्योंकि यहां पर पहले से ही Aarogya Setu ऐप को कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए भूमिका आउट किया गया है. हिंदुस्तान में कोविड 19 एक्सपोजर नोटिफिकेशन सेटिंग्स का प्रयोग वैसे इसलिए नहीं किया जा सकता है, क्योंकि इसके सपोर्ट वाले ऐप्स वैसे हिंदुस्तान में उपलब्ध नहीं है.

केन्द्र सरकार द्वारा लॉन्च किया गया Aarogya Setu ऐप Smart Phone के ब्लूूटूथ व लोकेशन फीचर का प्रयोग करके कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में मदद करता है. Apple व Google का ये कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग फीचर API (Application Programming Interface) के जरिए ऐप्स को एक प्लेटफॉर्म प्रदान करता है. हिंदुस्तान सरकार द्वारा लॉन्च किया गया Aarogya Setu ऐप Apple व Google के API को सपोर्ट नहीं करता है. Apple व Google का ये फीचर ब्लूटूथ आइडेंटिफायर के जरिए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग में मदद करता है.