TRAI की इस मुद्दे में टली सुनवाई, जाने पूरा मामला

TRAI की इस मुद्दे में टली सुनवाई, जाने पूरा मामला

टेलिकॉम रेग्यूलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) का National Tariff Order 2.0 (NTO 2.0) को लागू करने में व कुछ समय लग सकता है. दरअसल, बॉम्बे उच्च न्यायालय ने IBF बनाम TRAI की सुनवाई को 26 फरवरी तक टाल दिया है. 

आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि 1 जनवरी को TRAI ने जो टैरिफ प्लान्स में परिवर्तन किए थे उसे लेकर ब्रॉडकास्टर्स बहुत ज्यादा नाराज थे. ब्रॉडकास्टर्स को इस कठिनाई से निजात दिलाने के लिए भारतीय ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन (IBF) ने बॉम्बे उच्च न्यायालय का रुख किया था.

इस मुद्दे की सुनवाई पिछले 4 हफ्तों से रुकी हुई है. 30 जनवरी को न्यायालय ने इस मामलों को 12 फरवरी तक टाल दिया था. वहीं, अब इसे 26 फरवरी तक टाल दिया गया है. इससे यह साफ जाहिर होता है कि DTH व केबल टीवी ऑपरेटर्स के नए प्लान्स को 1 मार्च को लागू नहीं किया जाएगा.

IBF बनाम TRAI मुद्दा 26 जनवरी तक स्थगित: IBF की बात करें तो यह लोकप्रिय ब्रॉडकास्टर्स जैसे Sony Pictures Networks India (SPNI), Star India, TV18, ZEEL, Viacom 18 व Zoom Entertainment and Film & Television का अगुवाई करती है. ऐसे में IBF इन ब्रॉडकास्टर्स को TRAI के नए नियमों से राहत दिलाना चाहती है. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि TRAI ने बोला था कि जिस तरह वो ऑपरेट कर रहे हैं उन्हें अपनी चीजें रिवाइज करनी होंगी. नयी चैनल पैक्स में किसी भी इंडीविजुअल चैनल की मूल्य 12 रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. अभी ब्रॉडकास्टर्स a-la-carte चैनल्स को 19 रुपये की मूल्य में उपलब्ध करा रहे हैं.

NTO 2.0 में यूजर्स को आ रही परेशानियों को समाप्त किए जाने की बात है.आपको बता दें कि नए ऑर्डर के तहत NCF स्लैब 200 चैनल्स, मल्टी टीवी NCF चार्ज 40 फीसद जैसे कई परिवर्तन किए जाने की उम्मीद है. हालांकि, अब यह नियम कब तक लागू होंगे इसकी जानकारी वैसे नहीं मिली है. अगर आप NTO 2.0 व NTO 1.0 के बीच क्या अंतर जानना चाहते हैं