आइए जानिए, राशन कार्ड योजना से जुडी इन खास बातो को

आइए जानिए,  राशन कार्ड योजना से जुडी इन खास बातो को

 देश के 24 राज्यों में वैसे एक देश-एक राशन कार्ड (One Nation One Ration card)  योजना लागू हो गई है। शुक्रवार को उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने एक देश एक राशन कार्ड

योजना को लेकर एक अहम समीक्षा मीटिंग की थी। ज्यादातर राज्यों में इस स्कीम को लागू कर दिया गया है। बाकी बचे राज्यों को भी मार्च 2021 तक जोड़ने की योजना है।  

जम्मू-कश्मीर समेत ये प्रदेश जुड़े
देश 4 व राज्यों ने एक देश एक राशन कार्ड योजना को अपनाया है। केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के अतिरिक्त जिन 3 राज्यों में वन नेशन वन राशन कार्ड योजना आज से लागू हुई है। उनमें उत्तराखंड, मणिपुर व नागालैंड शामिल हैं। अब इन राज्यों में रहने वाले बाकी राज्यों के लोग अपने गृह प्रदेश के राशन कार्ड के जरिए सरकारी राशन की दुकान से अपना आवंटित अन्न ले सकेंगे। इस तरह कुल 24 राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों ने एक देश एक राशन कार्ड योजना को अपना लिया है। सरकार के मुताबिक, बाकी अन्य प्रदेश भी 31 मार्च 2021 तक इस योजना में शामिल हो जायेंगे।   

65 करोड़ लोगों को मिलेगा लाभ
वैसे 24 राज्यों के साथ आने से सरकार ने इस योजना के जरिये करीब 65 करोड़ (80 फीसदी) लाभार्थियों तक पहुंच बना ली है। एक देश एक राशन कार्ड के लाभ पाने वाले किसी भी प्रदेश में हों, वो अपने एक राष्ट्रीय राशन कार्ड के जरिये, NFSA( नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट) के तहत राशन ले सकते हैं।  

प्रधानमंत्री @narendramodi
जी के कुशल नेतृत्व में मोदी2.0 सरकार की महत्वाकांक्षी #वन_नेशन_वन_राशनकार्ड योजना में आज 4 व प्रदेश मणिपुर, नागालैंड, जम्मू और कश्मीर व उत्तराखंड जुड़ गये हैं व अब कुल 24 राज्यों के बीच राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी की सुविधा उपलब्ध हो गई है. 

कौन कौन प्रदेश हैं शामिल ?
24 राज्यों व केन्द्र शासित प्रदेशों में योजना लागू हो चुकी है। ये प्रदेश हैं- उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, गोवा, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, झारखंड, केरल, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, कर्नाटक, नागालैंड, सिक्किम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मणिपुर व दादर नागर हवेली व दामन दीव शामिल हैं।  

81 करोड़ लाभार्थियों का टारगेट
31 मार्च 2021 तक देश के सभी राज्यों को वन नेशन वन राशन कार्ड योजना से जोड़ दिया जाएगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आने वाले सभी 81 करोड़ लाभार्थियों को इसका फायदा मिल सकेगा।