जानिए, आखिर क्यों स्टार हेल्थ एंड एलॉइड इंश्योरेंस आईपीओ पर निवेशकों को नहीं है भरोसा?

जानिए, आखिर क्यों स्टार हेल्थ एंड एलॉइड इंश्योरेंस आईपीओ पर निवेशकों को नहीं है भरोसा?

ऐसे तो अपवाद हर जगह होते हैं, ठीक वैसे ही आइपीओ बाजार में भी है. 2021 जैसे साल में जब बाजार की तेजी में छोटा-बड़ा हर आइपीओ भर गया था, तब स्टार हेल्थ जैसा भी एक आइपीओ है जिसे समय सीमा बढ़ाने के बाद भी पूरी रकम के लिए बोलियां नहीं मिलीं. ऐसे में खबर तो यह है कि स्टार हेल्थ में दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला की भी हिस्सेदारी है. यानी कि, बिग बुल राकेश झुनझुनवाला के दांव पर निवेशकों को अब भरोसा नहीं है.

स्टार हेल्थ एंड एलॉइड इंश्योरेंस (Star Health and Allied Insurance Company)का आईपीओ तीसरे दिन भी केवल 79 फीसदी ही भर पाया. इसके साथ ही, 4.49 करोड़ शेयरों के ऑफर में सिर्फ 3.56 करोड़ शेयरों के लिए ही बोलियां मिलीं.

आईपीओ को बेहद ठंडा रिस्पांस

दरअसल बिग बुल राकेश झुनझुनवाला की कंपनी में 17.5 फीसदी हिस्सेदारी है. खबर यह भी है कि बिग बुल ने 4 साल तक कंपनी में अपना हिस्सा न बेचने का आश्वासन भी दिया है. लेकिन इसके बाद भी गैर संस्थागत निवेशकों और कर्मचारियों से आईपीओ को बेहद ठंडा रिस्पांस मिला है. अब क्योंकि रीटेल और संस्थागत निवेशकों का कोटा 1 गुना से थोड़ा ज्यादा भर गया था इसलिए इश्यू तो शेयर बाजार में लिस्ट होगा. लेकिन कंपनी को पूरा पैसा नहीं मिल पाएगा.

इश्यू के वैल्यूएशन महंगे होने के चलते बने हालात

बाजार के जानकारों के मुताबिक, इश्यू के वैल्युएशन्स महंगे होने की वजह से इस स्थिति का सामना करना पड़ा है. लिस्टिंग पर बड़ा मुनाफा कूटने की मंशा से आईपीओ में पैसा लगाने वाले एचएनआई निवेशकों का कोटा केवल 19 फीसदी ही भरा है. वहीं दूसरी ओर कर्मचारियों के लिए आरक्षित कोटा केवल 10 फीसदी ही भर पाया है. यही नहीं ज्यादातर म्यूचुअल फंड्स ने तो एंकर निवेशकों के अलॉटमेंट के समय भी इश्यू से दूरी बनाई रखी. जानकारों के अनुसार, अब निवेशक पहले से ज्यादा होशियार हो गए है, जिसके तहत महंगे आईपीओ से दूरी बना लेते हैं.

अब क्योंकि बिग बुल राकेश झुनझुनवाला के निवेश वाली कंपनी स्टार हेल्थ एंड एलॉइड इंश्योरेंस कंपनी के आईपीओ का निवेशकों पर जादू नहीं चल पाया है, जिसको लेकर अब आईपीओ के बेहतर लिस्टिंग पर भी सवाल खड़े होने लग गए हैं.

केवल 79 फीसदी ही आईपीओ सब्सक्राइब

यह इश्यू अपने आखिरी दिन केवल 79 फीसदी ही सब्सक्राइब हो पाया. इसका आसान शब्दों में यह मतलब है कि ऑफर साइज के मुकबले इसे 100 फीसदी बोली भी नहीं मिल पाई. हालांकि रिटेल निवेशकों और क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व हिस्सा पूरा भर गया. यह कोई अकेला ऐसा आईपीओ नहीं है, जिसको ऐसा रिस्पांस मिला है, बल्कि पिछले 1 साल में ऐसे कई आईपीओ रहे हैं, जिनको सब्सक्रिप्सन के दौरान निवेशकों का हल्का फुल्का रिस्पांस मिला था. लेकिन बाद में इनमें से कुछ कंपनियों के शेयरों में लिस्ट होने के बाद कमाल किया.


Youtube के इतिहास में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला वीडियो बना Baby Shark

Youtube के इतिहास में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला वीडियो बना Baby Shark

विस्तार वैसे तो यूट्यब पर हर रोज लाखों वीडियोज पब्लिश होते हैं, लेकिन कुछ वीडियोज ऐसे होते हैं जो इतिहास बना देते हैं। इन्हीं में से एक वीडियो है Baby Shark जिसने इतिहास बना दिया है। Baby Shark यूट्यूब के इतिहास में सबसे ज्यादा देखा जाने वाला वीडियो है। 

Baby Shark वीडियो को 10 बिलियन यानी 100 करोड़ व्यूज मिले हैं। इससे पहले यूट्यूब पर किसी वीडियो को इतने व्यूज नहीं मिले हैं। Baby Shark के बाद दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा देखा जाने वाला वीडियो Despacito है जिसे 7.7 बिलियन व्यूज मिले हैं।

बेबी शार्क को दक्षिण कोरिया की एजुकेशनल इंटरटेनमेंट फर्म Pinkfong ने प्रोड्यूस किया है। इसमें कोरियन अमेरिकन सिंगर Segoine ने अपनी आवाज दी है। बेबी शार्क को 2016 में यूट्यूब पर अपलोड किया गया था। पिछले साल नवंबर में इस वीडियो को 7.04 बिलियन व्यूज मिले थे