ट्रम्प ने 10 दिन बाद फिर दिया कश्मीर मामले पर मध्यस्थता को लेकर बयान

ट्रम्प ने 10 दिन बाद फिर दिया कश्मीर मामले पर मध्यस्थता को लेकर बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 10 दिन बादफिर कश्मीर मामले पर मध्यस्थता को लेकर बयान दिया. ट्रम्प ने बोला कि मध्यस्थता का निर्णय पीएम नरेंद्र मोदी के हाथ में है. अगर भारत-पाक चाहेंगे तो मैं इस मामले पर जरूर हस्तक्षेप करूंगा. इसी बीच बैंकॉक में आसियान समिट के दौरानभारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी समकक्ष माइक पोम्पियो से मुलाकात की. जयशंकर ने ट्वीट कर बताया किउन्होंने पोम्पियो से साफ कहाहै किकश्मीर पर कोई भी चर्चा सिर्फ पाक के साथ होगी व वह भी द्विपक्षीय ढंग से.

Image result for ट्रम्प ने कहा- कश्मीर पर मध्यस्थता का निर्णय मोदी के हाथ, जयशंकर बोले- इस पर सिर्फ पाकिस्तान से बात होगी

इससे पहले ट्रम्प ने 22 जुलाई को इमरान के साथ वॉशिंगटन में साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोला था कि मोदी ने कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता के लिए मुझसे बोला था. उस वक्त हिंदुस्तान ने ट्रम्प के दावे को नकार दिया था. तब भी विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद में बोला था कि कश्मीर मामले को सिर्फपाक के साथ चर्चा के जरिए ही सुलझाया जाएगा.

साथ में बेहतरीन कार्य कर सकते हैं मोदी व इमरान

ट्रम्प से गुरुवार को जब कश्मीर मध्यस्थता पर हिंदुस्तान के मना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बोला कि मैं हाल ही में पाकिस्तान के पीएम इमरान खान से मिला. हमारी अच्छी वार्ता हुई.मुझे लगता है कि वे (मोदी व इमरान) बेहतरीन लोग हैं. मुझे लगता है साथ में भी दोनों बेहतरीन कार्य करेंगे. ट्रम्प से जब पूछा गया कि क्या वे कश्मीर मामला सुलझाना चाहेंगे तो उन्होंने कहा, “अगर भारत-पाक चाहेंगे तो मैं जरूर इस मामले पर हस्तक्षेप करूंगा.”


इमरान के सामने ट्रम्प ने किया था दावा
ट्रम्प ने 22 जुलाई को ही इमरान खान के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बोला था कि मोदी दो सप्ताह पहले उनके साथ थे व उन्होंने कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की पेशकश की थी.इस पर इमरान ने रिएक्शन देते हुए बोला था कि अगर आप ऐसा करा सके, तो अरबों लोग आपको दुआ देंगे.

विदेश मंत्रालय ने एक घंटे बाद ही नकारी थी मध्यस्थता की बात

भारतीय विदेश मंत्रालय ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस के करीब एक घंटे बाद ही ट्रम्प के दावे को नकार दिया था. मंत्रालय ने बयान जारी कर बोला किमोदी व ट्रम्प ऐसी कोई बात नहीं हुई.हिंदुस्तान अपने फैसला पर कायम है. पाक के साथ सारे मसले द्विपक्षीय वार्ता के जरिए ही हल किए जाएंगे.

ट्रम्प के बयान को शर्मनाक बता चुके हैं डेमोक्रेट सांसद
अमेरिका की विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी के सांसद ब्रैड शरमैन ने ट्रम्प के इस बयान को शर्मनाक बताया. उन्होंने ट्वीट कर कहा, “मैंने अभी भारतीय राजदूत हर्ष श्रृंगला से ट्रम्प के अनुभवहीन बयान के लिए माफी मांगी. जो भी थोड़ा बहुत दक्षिण एशिया की विदेश नीति के बारे में जानता है उसे पता है कि हिंदुस्तान कश्मीर मामले पर तीसरे पक्ष का हस्तक्षेप नहीं चाहता.” वहीं अमेरिकी विदेश मंत्रालय की पूर्व राजनायिक एलिसा आयर्स ने बोला था कि इमरान के साथ मुलाकात के लिए ट्रम्प बिना तैयारी के गए. उनके बिना सोचे-समझे दिए बयान यही दिखाते हैं.