अपने बच्चों की सेहत का ख़ास ख्याल रखने के लिए सीखाएंगे ध्यान लगाना

अपने बच्चों की सेहत का ख़ास ख्याल रखने के लिए सीखाएंगे ध्यान लगाना

बच्चे हम बड़ों की अपेक्षा काफी नाज़ुक होते हैं और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी हमारे मुकाबले काफी कमज़ोर होती है जिसकी वजह से आपको अपने बच्चों की सेहत का ख़ास ख्याल रखना पड़ता है| अगर आप अपने बच्चों में शुरू से ही अच्छी आदतें डालेंगे तो आपका बच्चा शुरुआत से ही मज़बूत होगा और जल्दी उसे किसी तरह की कोई बीमारी भी नहीं होगी| बच्चों के लिए सबसे ज़्यादा ज़रूरी है की आप उन्हें बचपन से ही ध्यान लगाना और व्यायाम करना सीखा दें तो वो अभी तो स्वस्थ रहेंगे ही साथ ही आगे जाकर भी उन्हें जल्दी कोई स्वास्थ सम्बन्धी समस्या जल्दी नहीं होगी|

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बच्चों को ध्यान लगाना सिखाने के लिए आप सबसे पहले बच्चे जब बहुत छोटे हों जैसे 3 साल तक के हों तो उन्हें सुबह सुबह स्वस्थ वातावरण में टहलने के लिए लेकर जाएँ और फिर कोई पार्क या पार्क जैसी जगह ढूंढ कर उसे वहां लेकर जाएँ और थोड़ा और बड़े होने पर और रोज़ टहलने की आदत लग जाने के बाद उसे ध्यान लगाना सिखाएं| ध्यान रखें की आप अपने बच्चे को इस तरह से तैयार करें कि उसका ध्यान कहीं और न भटके और वो ध्यान लगाने में अपना मन लगा सके|

बच्चे को ध्यान लगवाने के लिए सबसे पहले उसे इसके फायदों के बारे में समझाएं और उसे बताएं की इससे उसका दिमाग और भी तेज़ होगा कर वो बाकि बच्चों से आगे निकल सकता है क्यूंकि ऐसी बातों से बच्ची काफी उत्साहित होते हैं और किसी काम को करने के लिए मान भी जाते हैं|

अगर बच्चा आपकी बात नहीं मानता है या ध्यान लगाते समय वो सही से कंसन्ट्रेट नहीं कर पाता है तो बच्चे पर दबाव ना डालें बल्कि साबरा रखें और उसे बार बार समझने की कोशिश करें| कुछ ही दिनों में बच्चे को अपने आप ही बदलाव और विकास समझ आने लगेगा और उसे अच्छा लगने लगेगा तो इन कामों में बच्चे का अपने आप ही मन भी लगने लगेगा|

बच्चों में किसी भी अच्छी आदत डलवाने का काम काफी मुश्किल होता है क्यूंकि बच्चे अपनी ही धुन में इतने मशगूल होते हैं कि वो और किसी की बात नहीं मानते और अक्सर ऐसी स्थिति में पेरेंट्स परेशान होकर हार जाते हैं और बच्चे से उस चीज़ के बारे में कहना बंद कर देते हैं पर अगर आपको अपने बच्चे का अच्छा स्वास्थ चाहिए तो उसके लिए थोड़ी ज़्यादा मेहनत करनी पड़ेगी और सके साथ ही साबरा भी रखना पड़ेगा उससे धीरे धीरे बच्चा आपकी बात मानने भी लगेगा और उसे खुद ही इन चीज़ों में मज़ा आने लगेगा|