कश्‍मीर मसले के बिना अधूरा पाकिस्‍तान

कश्‍मीर मसले के बिना अधूरा पाकिस्‍तान

स्विट्जरलैंड के शहर जेनेवा में आज यूनाइटेड नेशंस के मानवधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में कश्‍मीर मसले पर भारत और पाकिस्‍तान आमने-सामने होंगे। पांच अगस्‍त को भारत सरकार ने एक एतिहासिक फैसले के तहत जम्‍मू कश्‍मीर से आर्टिकल 370 को हटा दिया था। इसके बाद से लगातार भारत पर मानवाधिकार उल्‍लंघन के आरोप लग रहे हैं। सोमवार को जेनेवा में यूएनचआरसी का 42वां सत्र आयोजित किया जा रहा है।

सोमवार को पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी अपने देश काप्रतिनिधित्‍व करने के लिए निकल चुके हैं। जेनेवा के लिए रवाना होने से पहले उन्‍होंने ट्वीट किया कि पाकिस्‍तान कश्‍मीर भारत की निर्ममता का मसला जरूर उठाएगा। कुरैशी मंगलवार की दोपहर में अपना बयान देंगे। कुरैशी का बयान भारत के फैसले पर आधारित होगा। इसके बाद भारत कुछ घंटों बाद अपना बयान देगा। भारत इस दौरान 'राइट ऑफ रिप्‍लाई' का प्रयोग इस मसले पर जवाब देगा। भारत के प्रतिनिधिदल की अगुवाई विदेश मंत्रालय के सचिव कर रहे हैं। जबकिप्रतिनिधिमंडल में पाकिस्‍तान में भारत के उच्‍चायुक्‍त अजय बिसारिया समेत विदेश मंत्रालय के कुछ और अधिकारी भी हैं। भारत ने इस सम्‍मेलन में विदेश मंत्री एस जयशंकर को ने भेजने का फैसला किया था क्‍योंकि भारत सरकार पाकिस्‍तान के उन प्रयासों को तवज्‍जो नहीं देना चाहती है जिनके जरिए कश्‍मीर मसले का अंतरराष्‍ट्रीयकरण किया जाएगा। सोमवार को यूएनएचआरसी के शुरुआती सत्र के दौरान यूएनएचआरसी के कमिश्‍नर माइकल बैश्‍लेट ने कहा है कि उन्‍होंने भारत से अपील की है कि जम्‍मू कश्‍मीर में जारी प्रतिबंधों में ढील दी जाए। लोगों को मौलिक सेवाएं मुहैया कराई जाएं क्‍योंकि यह वहां के लोगों का अधिकार है।