हाई बीपी की समस्या को कभी न करे अनदेखा,बचाव के लिए करे ये...

हाई बीपी की समस्या को कभी न करे अनदेखा,बचाव के लिए करे ये...

आजकल हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बहुत ज्यादा आम हो गई है. इतनी आम कि हर दूसरा आदमी हाइपरटेंशन की बीमारी की चपेट में है. इसकी मुख्य वजह है बदलता लाइफस्टाइल, स्ट्रेस, टेंशन व थकान. हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी कितनी खतरनाक बन चुकी है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसे 'साइलंट किलर' भी बोला जाता है. जब धमनियों में खून का दबाव बढ़ता है तो हार्ट को सामान्य क्रम से अधिक कार्य करना पड़ता है. इसी अत्यधिक प्रेशर को हाई ब्लड प्रेशर बोला जाता है.
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इससे शरीर को बहुत ज्यादा नुकसान होते हैं. आइए इनके बारे में जानते हैं:

1- हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति में हार्ट को ज्यादा ब्लड पंप करना पड़ता है. इसकी वजह से उस पर अत्यधिक प्रेशर बन जाता है. हाई बीपी की वजह से कोरोनरी आर्टरी डिजीज व अन्य बीमारियां हो जाती हैं.

2- जिस तरह हमारे दिल की स्वास्थ्य के लिए ब्लड का फ्लो सामान्य व हेल्दी रहना महत्वपूर्ण है, उसी तरह यह हमारे मस्तिष्क के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है. लेकिन जब ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है तो दिमाग के एक हिस्से में ऑक्सीजन बाधित हो जाती है, जो स्ट्रोक का कारण बनती है.

3- इसे डिमेंशिया यानी भूलने की बीमारी हो जाती है. इसके अतिरिक्त हाई बीपी से ब्रेन हेमरेज का खतरा भी 50 प्रतिशत तक बढ़ जाता है.

4- किडनी शरीर में एक फिल्टर का कार्य करती हैं व ब्लड में उपस्थित गंदगी को बाहर निकाल देती हैं. लेकिन हाई ब्लड प्रेशर की वजह से किडनी भी फेल हो जाती है. हाई बीपी की वजह से किडनी तक जाने वाली बड़ी व धमनियां क्षतिग्रस्त हो जाती हैं. ऐसी स्थिति में किडनी ब्लड को फिल्टर नहीं कर पाती व उसमें वेस्ट जमा हो जाता है.

5- ब्लड प्रेशर की वजह से किडनी के अतिरिक्त आंखों पर भी बुरा प्रभाव पड़ता है. हाई बीपी की वजह से आंखों में उपस्थित वेसल्स डैमेज हो जाती हैं. इस वजह से रेटिना तक ब्लड नहीं पहुंच पाता. ऐसी स्थिति में आंख से ब्लीडिंग होने लगती है. यहां तक कि आंखों की लाइट भी जा सकती है.

हाई बीपी से बचाव के लिए क्या करें:
- प्रतिदिन कम-से-कम आधा घंटा कार्डियो एक्सर्साइज करें जैसे कि ब्रिस्क वॉक, जॉगिंग, साइकलिंग, स्विमिंग, एरोबिक्स, डांस आदि हैं. वॉक में 1 मिनट में 40-50 कदम, ब्रिस्क वॉक में 1 मिनट में 75-80 कदम व जॉगिंग में 150-160 कदम चलते हैं.

- हेल्दी डायट लें व ठीक लाइफस्टाइल अनुसरण करें. डायट में हाई-फाइबर वाली चीजें शामिल करें, जैसे कि ज्वार, बाजरा, गेंहू, दलिया व स्प्राउट्स आदि. इसके अतिरिक्त प्रतिदिनकम से कम 10 गिलास पानी पिएं.

- टेंशन, थकान व तनाव से दूर रहें. मूड हल्का रखने के लिए म्यूजिक सुनें या फिर डांस करें. या फिर कुछ ऐसा कार्य करें जिसमें आपका मन लगता हो.

- फास्ट फूड, मैगी, चिप्स, सॉस, चॉकलेट, सैचरेटेड फैट जैसे कि देसी घी, वनस्पति या फिर नारियल ऑयल खाने से बचें.

- डायट में नमक का बैलेंस बनाकर रखें. हाई बीपी की स्थिति में ज्यादा नमक खाने से बचें.