मोदी सरकार ने किया किसानों को 3000 रुपये महीने की पेंशन देने वाली का एलान

मोदी सरकार ने किया किसानों को 3000 रुपये महीने की पेंशन देने वाली का एलान

किसानों को 3000 रुपये महीने की पेंशन देने वाली स्कीम किसान मानधन योजना की कल यानी 12 सितंबर 2019 को लांच हो रही है। पीएम नरेंद्र मोदी रांची से इस योजना की शुरुआत करेंगे। इस योजना में शामिल होकर 3000 रुपये की पेंशन पाने के लिए किसानों के पास दो विकल्प हैं। एक विकल्प में वह इस योजना में खुद अंशदान कर सकते हैं। दूसरे विकल्प में वह बिना पैसे दिए भी किसान मानधन योजना का फायदा उठा सकते हैं। किसान मानधन योजना से 3 साल में 5 करोड़ किसानों को जोड़ने की योजना पर मोदी सरकार काम कर रही है। इस योजना के तहत किसानों को 60 साल की उम्र से 3,000 रुपये महीने की पेंशन दी जाएगी। इस योजना के लिए किसानों का रजिस्ट्रेशन शुरु हो गया है। 18 से 40 साल के बीच के किसान इस योजना में 55 रुपये से लेकर 200 रुपये महीने देकर शामिल हो सकते हैं। इस योजना में जितना पैसा किसान देंगे, उतना ही पैसा केन्द्र सरकार हर माह जमा करेगी। हालांकि किसानों को बिना पैसे दिए भी इस योजना में शामिल होने का विकल्प भी है।

बिना पैसे दिए कैसे शामिल होंगे योजना में

पीएम किसान मनधन योजना में वैसे तो उम्र के हिसाब से 55 रुपये से लेकर 200 रुपये महीने तक का योगदान करने का नियम है। लेकिन अगर किसान चाहते हैं कि उनको पैसे नकद न देने पड़ें तो वह इस योजना पीएम किसान योजना से जोड़ सकते हैं। पीएम किसान योजना के तहत साल में किसानों को 6000 रुपये महीना मिलता है। अगर किसान प्रधानमंत्री मानधन योजना की किस्त पीएम किसान योजना के पैसे से देना चाहें तो उनके पास विकल्प है। इसके लिए किसानों को लिखित में विकल्प देना होगा। इसके बाद किसान मानधन योजना की किस्त अपने आप ही जाने लगेगी। हालांकि जो किसान इस योजना में अपने पास से ही पैसा जमा करना चाहते हैं, वह किसान कामन सर्विस सेंटर के माध्यम से पैसे जमा कर सकते हैं।

किसान मानधन योजना के नियम

केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र तोमर की तरफ से दी जानकारी के अनुसार इस योजना में शामिल किसान की 60 साल की उम्र से पहले मृत्यु होने पर उसकी पत्नी को इस योजना को चलाने का हक होगा। लेकिन अगर वह इस योजना को नहीं चलाना चाहती है तो किसान की तरफ से जमा राशि ब्याज के साथ दे दी जाएगी। जहां पर किसान की पत्नी नहीं हैं, उस स्थिति में नॉमिनी को यह भुगतान किया जाएगा। अगर किसान की मौत 60 साल के पहले होती है तो उसकी पति को पेंशन के रूप में 50 फीसदी मिलेगा।