उत्तराखंड पहुंचा मानसून, देहरादून व नैनीताल में हुई झमाझम बारिश

उत्तराखंड पहुंचा मानसून, देहरादून व नैनीताल में हुई झमाझम बारिश

उत्तर हिंदुस्तान में मानसून के आगमन से जहां लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है वहीं दिल्ली समेत कई राज्यों में अभी भी उमस बरकरार है. मौसम विभाग का अनुमान है कि इस हफ्ते ऐसी ही स्थिति रहेगी व अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक उछाल मार सकता है.Image result for उत्तराखंड पहुंचा मानसून, देहरादून व नैनीताल में हुई झमाझम बारिश

वहीं हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमाचल, मध्यप्रदेश, राजस्थान, झारखंड के कई हिस्सों में धूल भरी आंधी व बारिश की भी आसार है. इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश, केरल, मेघालय, पश्चिम बंगाल व छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है.

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून गुजरात व महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में पहुंच चुका है जहां कई स्थानों पर तेज बारिश हो रही है. भीषण गर्मी व पानी की किल्लत से जूझ रहे लोगों को इससे राहत पहुंची है.

मुंबई में आमतौर पर मानसून 10 जून को पहुंचता है तो इस बार दो हफ्ते की देरी से पहुंचा है. पिछले एक दशक में इस बार मानसून सबसे ज्यादा विलंब से मुंबई पहुंचा है.

अगले हफ्ते दिल्ली-एनसीआर में दस्तक दे सकता है मानसून

अगले हफ्ते तक दिल्ली-एनसीआर में मानसून की दस्तक हो सकती है. इस दौरान तेज सतही हवा भी चलेगी, जिससे गर्मी से बहुत ज्यादा हद तक निजात मिल जाएगी. मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को अधिकतम तापमान 39 व न्यूनतम 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. दिनभर धूप-छांव का खेल चलता रहा. बादल छाए रहे व लोग उनके बरसने का इंतजार करते रहे. प्रातः काल से उमस ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए.

अधिकतम आर्द्रता 79 प्रतिशत दर्ज हुई, जबकि सर्वाधिक तापमान पालम इलाके में 40.4 दर्ज हुआ. आयानगर में 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ. इस हफ्ते बारिश की आसार नहीं है.हालांकि, तेज सतही हवाएं चलेगी व आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे.

दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र में पहुंच गया. जिसके बाद मंगलवार को दोपहर बाद देहरादून व नैनीताल में रुक-रुक कई दौर की बारिश हुई. मौसम केन्द्र की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार प्रदेश में परिस्थितियां अनुकूल होने के चलते अगले 48 घंटों में मानसून ज्यादातर हिस्सों में पहुंच सकता है.

मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान इसके प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में पहुंचने का अनुमान है. वहीं, मानसून के चलते प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. प्रदेश आपातकालीन परिचालन केन्द्र ने सभी जिलाधिकारियों को अलावा सतर्कता बरतने के आदेश हैं.

इसके चलते ऊधमसिंह नगर, नैनीताल व चंपावत के कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश हो सकती है. वहीं, पिथौरागढ़, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी व देहरादून में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है.शिमला व कुल्लू में प्री-मानसून बारिश का दौर जारी है. प्रदेश में बदले मौसम के मिजाज से मैदानी क्षेत्रों में गर्मी से राहत मिली है. मौसम विज्ञान केन्द्र शिमला ने 28 जून तक बारिश जारी रहने के संभावना जताए हैं. पहली जुलाई से दोबारा बारिश के संभावना हैं.

प्रदेश में एक या दो जुलाई तक मानसून पहुंचने की आसार है. मौसम विज्ञान केन्द्र शिमला के अनुसार देश के कई हिस्सों में मानसून पहुंच गया है. हिमाचल में एक-दो जुलाई तक मानसून पहुंच सकता है. मौसम के बेकार मिजाज को देखते हुए जिला प्रशासन ने सैलानियों से नदी-नालों के साथ-साथ संवेदनशील इलाकों की ओर आवाजाही न करने की हिदायत दी है.

जम्मू-कश्मीर में एक हफ्ता देरी से बरसेंगे बादल

जम्मू और कश्मीर में मौसम के उतार चढ़ाव के बीच प्रदेश में मानसून के देरी से पहुंचने के संभावना हैं. इस वर्ष अब तक कश्मीर संभाग में निरंतर अंतराल के बाद बारिश होती रही है, लेकिन जम्मू संभाग में प्री मानसून बारिश का प्रभाव नहीं दिखा है. जून का आखिरी पड़ाव चल रहा है, लेकिन संभाग में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है. संभाग के प्रमुख हिस्सों में पारा चालीस डिग्री के आसपास रहा है.

मौसम विभाग श्रीनगर के निदेशक सोनम लोट्स के अनुसार जम्मू और कश्मीर में मानसून के निर्धारित से एक हफ्ता देरी से जुलाई के पहले सप्ताह में पहुंचने की उम्मीद है. मौसम के मिजाज के मुताबिक से थोड़ा आगे भी जा सकता है. केरल से मानसून पूरी तरह से अभी सक्रिय नहीं हुआ है, जिसका प्रभाव प्रदेश में दिखेगा. साल 2018 में 28 जून को मानसून ने जम्मू और कश्मीर में दस्तक दी थी.

प्रदेश में अमूमन जून के आखिरी व जुलाई के पहले हफ्ते में मानसून पहुंचता रहा है. जम्मू और कश्मीर से पहले मानसून देश के कई हिस्सों से होकर यहां पहुंचता है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अभी मानसून में तेजी आने के संभावना नहीं हैं.

उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून पहुंच चुका है. इससे जहां लोगों को भीषण गर्मी से निजात मिली है वहीं किसानों को फसलों के सिंचाई के लिए पानी भी उपलब्ध हुआ है.

पूर्वांचल, मध्य उत्तर प्रदेश व बुंदेलखंड के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय हो गया है. देवरिया, कुशीनगर, गोरखपुर, महाराजगंज व संतकबीर नगर सहित कई जिलों में तेज बारिश ने लोगों को राहत दी.

कानपुर-बुंदेलखंड व मध्य उत्तर प्रदेश में सोमवार को हुई मानसूनी बारिश से जहां मौसम खुशनुमा हो गया व गर्मी-उमस झेल रहे लोगों ने राहत की सांस ली. वहीं 14 लोगों पर बिजली गिरने से उनकी मृत्यु हो गई व 17 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं. जुलाई के पहले हफ्ते से मानसून के गति पकड़ने की उम्मीद है.