मकान-दुकान किराए पर लेने-देने के लिए मॉडल कानून बनाने की तैयारी कर रही मोदी सरकार

मकान-दुकान किराए पर लेने-देने के लिए मॉडल कानून बनाने की तैयारी कर रही मोदी सरकार

अगर आप आने वाले दिनों में घर या दुकान किराए पर लेना चाहते हैं तो आपके लिए एक राहत भरी खबर है। जानकारी के मुताबिक मोदी सरकार मकान-दुकान किराए पर लेने-देने के लिए मॉडल कानून बनाने की तैयारी कर रही है, जो अब अंतिम चरण में है। सरकार का इरादा अगस्त में इस पर कैबिनेट से मंजूरी लेने का है।


कैबिनेट से लेनी होगी मंजूरी
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में अधिनियम को तैयार करने के लिए मंत्रियों का समूह (जीओएम) बनाया गया है, जो काफी तेजी से काम कर रहा है। इसे अंतिम रुप देने के लिए मंत्रियों के समूह की 2 बैठकें भी हो चुकी है। जानकारों का मानना है कि जुलाई के आखिरी हफ्ते में इस एक्ट को लेकर आखिरी व अहम बैठक होगी, जिसके बाद अगस्त में यह एक्ट मंजूरी के लिए कैबिनेट के सामने पेश कर दिया जाएगा। बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा है कि सरकार रेंटल हाउसिंग के बारे में आदर्श किराया कानून बनाएगी। उन्‍होंने कहा कि रेंटल हाउसिंग से जुड़े मौजूदा कानून पुराने हैं और वे संपत्ति मालिक और किराएदार की दिक्कतों को दूर करने में असमर्थ हैं।

क्यों खास होगा नया कानून
नए कानून के तहत मकान मालिक 3 महीने के किराए से ज्यादा सिक्योरिटी डिपॉजिट नहीं ले सकेगा।
मकान खाली करने की सूरत में 1 महीन में सिक्योरिटी वापस करनी होगी।
मकान मालिक मकान के नवीनीकरण के बाद किराया बढ़ा सकता है।
मकान मालिक को मकान में आने के 1 दिन पहले नोटिस देना होगा।
झगड़े की स्थिति में कोर्ट की बजाय स्पेशल किराया ट्रायबूनल बनाए जाएंगे।
किराएदार मकान को आगे किराए पर नहीं दे सकता है।