विदेशी मोबाइल कंपनियों को होगा मोदी सरकार के इस फैसले का फायदा

विदेशी मोबाइल कंपनियों को होगा मोदी सरकार के इस फैसले का फायदा

मोदी सरकार के सिंगल ब्रांड रिटेल में निवेश के नियम बदलने का सबसे ज्यादा फायदा विदेशी मोबाइल कंपनियों को होगा। इन कंपनियों में एप्पल, वनप्लस, ओप्पो, वीवो जैसी कंपनियां शामिल हैं। इंडियन हैंडसेट एसोसिएशन ने हालांकि मोदी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।

रिटेल में एफडीआई के फैसले की अहम बातें

सिंगल ब्रांड रिटेल में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। इसके तहत अब जहां शत प्रतिशत निवेश भी आ सकेगा। वहीं 30 परसेंट डॉमेस्टिक्स सोर्सिंग के नियमों में राहत दी गई है। इसके अलावा सिंगल ब्रांड रिटेल के तहत कंपनियां ऑनलाइन स्टोर भी आसानी से खोल सकेंगी।

फैसले से क्या होगा फायदा

इंडियन सोलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) ने कहा है कि इसका सबसे ज्यादा फायदा देश में हैंडसेट मैन्युफैक्चरिंग पर पड़ेगा। लोगों को ज्यादा अच्छी गुणवत्ता के हैंडसेट उपलब्ध हो सकेंगे। संगठन के अनुसार सिंगल ब्रांड रिटेल ट्रेड यानी एसडीआरटी स्टोर कंपनियां अपनी ब्रांड वैल्यू बढ़ाने के लिए खोलती हैं, ऐसे में वर्तमान खुदरा कारोबार पर इसका कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा।

3 गुना बढ़ेगा हैंडसेट कारोबार

एक अनुमान है कि देश में स्मार्टफोन इंडस्ट्री में अगले 4 से 5 साल में 3 गुना तक बढ़ सकती है। इस वक्त देश में मोबाइल हैंडसेट का कारोबार 25 बिलियन डॉलर का है, जो 2025 तक बढ़कर 80 बिलियन डॉलर को हो जाएगा।