नकली सामान बनाने वालों की अब खैर नहीं

नकली सामान बनाने वालों की अब खैर नहीं

उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि नया उपभोक्ता संरक्षण बिल इस साल के अंत तक पूरे देश में लागू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बिल को संसद के दोनों सदनों से पारित चुका है और इसके लागू होने का बाद कोई भी दुकानदार या उत्पाद निर्माता उपभोक्ताओं को धोखा नहीं दे पाएगा। यह उपभोक्ता संरक्षण कानून, 1986 का स्थान लेगा।

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नए उपभोक्ता संरक्षण बिल के प्रावधान

  • अगर मिलावटी और नकली सामान से उपभोक्ता को कोई नुकसान नहीं होता है तो सामान बनाने वाले को छह माह की जेल और एक लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है
  • अगर उपभोक्ता को उस मिलावटी सामान के इस्तेमाल से मामूली नुक्सान होता है तो एक साल की जेल और तीन लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
  • नकली सामान के इस्तेमाल से उपभोक्ता को गंभीर नुक्सान होता है तो निर्माता को सात साल की जेल और 5 लाख रुपए का जुर्माना होगा।
  • अगर मिलावटी या नकली सामान के इस्तेमाल से उपभोक्ता की मौत हो जाती है तो सामान बनाने वाले को उम्रकैद की सजा भी मिल सकती है और कम से कम 10 लाख रुपए का जुर्माना होगा।
  • इस प्रकार के मैन्यूफैक्चरर्स के लाइसेंस को भी रद्द करने का प्रावधान किया गया है। बिना नुकसान वाली स्थिति में मैन्यूफैक्चरर्स के लाइसैंस को सस्पैंड किया जाएगा।
  • अगर कोई मैन्यूफैक्चरर्स अपने उत्पाद की बिक्री के लिए भ्रामक या तथ्य से हटकर विज्ञापन देता है तो भी मैन्यूफैक्चरर्स को जेल जाना होगा। पहली बार भ्रामक विज्ञापन देने पर दो साल तक की कैद और 10 लाख रुपए का जुर्माना और फि र ऐसा करने पर पांच साल की कैद और 50 लाख का जुर्माना होगा।
  • उपभोक्ता की शिकायतों को सुनने के लिए एक सैंट्रल अथॉरिटी भी निर्माण किया जाएगा। सैंट्रल अथॉरिटी के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में ही चुनौती दी जा सकेगी।
  • कोई भी व्यक्ति शिकायत कर सकता है और 21 दिन के भीतर उसकी शिकायत स्वत:दर्ज हो जाएगी।