सीबीआई ने क्रिमिनल मैनुअल में किया बदलाव

सीबीआई ने क्रिमिनल मैनुअल में किया बदलाव

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने क्रिमिनल मैनुअल में बदलाव करने का फैसला किया है. पिछली बार साल 2005 में सीबीआई के मैनुअल में बदलाव किया गया था. यानी कि अब 14 साल बाद सीबीआई ने बदलाव किया है. सीबीआई अपने क्रिमिनल मैनुअल के अनुसार ही कार्रवाई करती है.

वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि सीबीआई अधिकारी मामले की जांच के लिए क्राइम मैनुअल का ही पालन करते हैं, जिसके तहत पहले प्रारंभिक जांच करते हैं या प्रारंभिक जांच को एफआईआर में परिवर्तित करते हैं. बीते 14 वर्षों में, अदालतों ने कुछ आपराधिक कानूनों को खत्म कर दिया और अन्य में संशोधन किया.

सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कुछ संवेदनशील मामलों की जांच करते समय हमारे आंतरिक ज्ञापन, प्रक्रियाओं और एसओपी को भी सर्वोच्च न्यायालय द्वारा स्वीकार कर लिया गया.

तकनीक के इस दौर में साइबर क्राइम के मामले बढ़ गए हैं. इस वजह से सीबीआई अपने क्रिमिनल मैनुअल में बदलाव कर रही है. यह फैसला वित्त से जुड़े हाई प्रोफाइल केस और वाइट-कॉलर क्राइम में एजेंसी की वर्तमान जांच के बीच हुआ है.

इस समय सीबीआई पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी, आईसीआईसीआई बैंक, आईएनएक्स मीडिया का मामला और अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टरों की खरीद में रिश्वतखोरी जैसे हाई प्रोफाइल मामलों की जांच कर रही है.