टिक टॉक यूज़र्स के लिए बैड न्यूज़, उच्च न्यायालय ने दिया केन्द्र सरकार को ये आदेश...

टिक टॉक यूज़र्स के लिए बैड न्यूज़, उच्च न्यायालय ने दिया केन्द्र सरकार को ये आदेश...

टिक टॉक हिंदुस्तान में बहुत ज्यादा लोकप्रिय हो चुका है. 15 सेकेंड के वीडियो वाले इस एप ने डाउनलोडिंग के मुद्दे में फेसबुक को भी पीछे छोड़ दिया है. वहीं इस एप पर अश्लील सामग्री को बढ़ावा देने को लेकर बैन भी लगा था, हालांकि अब बैन हट चुका है. मद्रास उच्च न्यायालय ने केन्द्र सरकार को टिक टॉक की डाउनलोडिंग पर रोक लगाने का आदेश दिया था जिसके बाद टिक टॉक ने न्यायालय के इस निर्णय को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की थी जिसे अब कंपनी ने वापस ले लिया है.गुरुवार को मुद्दे पर मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने मद्रास उच्च न्यायालय के उस निर्णय को उचित बताया जिसमें बोला गया था कि टिक टॉक भारतीय संस्कृति को नुकसान पहुंचा रहा है व इसका युवाओं पर निगेटिव असर पड़ रहा है.

बताते चलें कि इसी वर्ष अप्रैल में मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै बेंच ने केन्द्र सरकार को आदेश दिया था कि सरकार टिक टॉक की डाउनलोडिंग पर रोक लगाए. इसके अतिरिक्त न्यायालय ने यह भी बोला था कि सरकार टिक टॉक के वीडियो को फेसबुक जैसे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर होने पर भी रोक लगाए. कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि क्या वह ऐसा कोई कानून लाएगी जिससे बच्चों को साइबर अपराध से बचाया जा सके व उन्हें दूर रखा जा सके.