एनसीएईआर के अनुसार विदेशो में हैं कालेधन कुबेरों का भंडार

एनसीएईआर के अनुसार विदेशो में हैं कालेधन कुबेरों का भंडार

स्विस बैंक ( Swiss Bank ) के काले धन ( black money ) कुबेरों का खुलासा सितंबर माह से होने जा रहा हैै. बैंक के सिर्फ मौजूदा खाताधारकों ( Swiss account holders ) के नामों का ही खुलासा नहीं हाेगा करेगा, बल्कि पिछले वर्ष जिन लोगों ने स्विस बैंक से अपने खातों को डीएक्टीवेट करा दिया था, उनके नामों की भी जानकारी दी जाएगी. स्विस सरकार ( Swiss Govt ) की ओर से यह पहल हिंदुस्तान के लिहाज से बहुत ज्यादा बड़ी मानी जा रही है. वहीं मौजूदा नरेन्द्र मोदी सरकार ( Modi govt ) के लिए बहुत ज्यादा राहत भरा है. क्योंकि नरेन्द्र मोदी सरकार 2014 के चुनावों से ब्लैक मनी के मामले को लेकर आई थी व खुद नरेंद्र मोदी सार्वजनिक मंचों से ब्लैक मनी को हिंदुस्तान लाने की बात कर चुके हैं.आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि इससे पहने पनामा व पैराडाइज पेपर्स के माध्यम से कई हिंदुस्तानियों के नाम विदेशों में कालाधन जमा करने को उजागर हो चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है.यह जानकारियां होंगी साझा
स्विट्जरलैंड की सरकार भारतीय कर अधिकारियों से ( ) फ्रेमवर्क के माध्यम से स्विस फाइनैंशल इंस्टिट्यूशनल में रुपए रखने वाले लोगों के अकाउंट नंबर, क्रेडिट बैलेंस व सभी फाइनेंशियल जानकारियां साझा करेगी. जानकारी के अनुसार सितंबर में हिंदुस्तान को जानकारी भेजे जाने के बाद सालाना आधार पर जानकारियां साझा की जाएगी.

पहले आ चुकी है 100 लोगों की सूची
स्विट्जरलैंड ने कर के मामलों में प्रशासनिक सहायता को लेकर एक द्विपक्षीय समझौते के तहत लगभग 100 हिंदुस्तानियों के स्विस बैंक में खातों की जानकारी हिंदुस्तान को पहले ही दी थी. अब जो सूची स्विस की ओर से साझा की जाएगी वो उन 100 लोगों से अलग होगी. विदेश प्रदेश मंत्री वी मुरलीधरन ने बुधवार को सवाल के जवाब में बोला था कि इंडिया-स्विट्जरलैंड कर ट्रीटी जाँच के गुलाम मामलों के लिए आवेदन के आधार पर जानकारी देने की भी सुविधा प्रदान करता है. मंत्री के अनुसार सूचना का उपयोग व उसका खुला गोपनीयता प्रावधान के भीतर आता है.

विदेशों में जमा है 34.30 लाख करोड़ रुपए
- एनसीएईआर के अनुसार हिंदुस्तान से 1980 से लेकर 2010 के बीच 26,88,000 लाख करोड़ रुपए से लेकर 34,30,000 करोड़ रुपये का ब्लैक मनी विदेश भेजा गया.
- एनआईएफएम के मुताबिक 1990-2008 के दौरान लगभग 15,15,300 करोड़ रुपए यानी 216.48 अरब डॉलर का ब्लैक मनी हिंदुस्तान से विदेश भेजा गया.
- एनआईपीएफपी ने बोला कि 1997-2009 के दौरान देश के सकल घरेलू उत्पाद का 0.2 प्रतिशत से लेकर 7.4 प्रतिशत तक ब्लैक मनी विदेश भेजा गया.