किर्गिस्तान व हिंदुस्तान के बीच इस भ्रमण में कुछ अहम करार

किर्गिस्तान व हिंदुस्तान के बीच इस भ्रमण में कुछ अहम करार

पीएम नरेंद्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi ) शंघाई योगदान संगठन ( Shanghai Cooperation Organisation ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए किर्गिस्तान ( Kyrgyzstan ) रवाना हो गए हैं. प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी SCO सम्मेलन से इतर कई राष्ट्रों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे. इसमें सबसे जरूरी है किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सूरोनबे जीनबेकोव ( president Sooronbay Jeenbekov ) के साथ द्विपक्षीय वार्ता. दरअसल, हिंदुस्तान मध्य एशियाई राष्ट्रों के साथ आगे बढ़ने के तौर पर इसे मौका के रूप में लेगा. द्विपक्षीय बातचीत के दौरान हिंदुस्तान का रणनीतिक गणना के दृष्टिकोण से इस क्षेत्र के महत्व को हाइलाइट किया जाएगा.

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किर्गिज राष्ट्रपति और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच आधिकारिक वार्ता

पीएम मोदी ने बिश्केक ( Bishkek ) रवाना होने से पहले एक बयान जारी करते हुए बोला कि शिखर सम्मेलन में वैश्विक सुरक्षा स्थिति, बहुपक्षीय आर्थिक सहयोग, लोगों से लोगों के सम्पर्क बढ़ाने व अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय महत्व के सामयिक मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है. इस सम्मेलन से इतर मेरी कई नेताओं से मुलाकात करने व द्विपक्षीय वार्ता करने की भी योजना है.’ मेजबान किर्गिस्तान के बारे में बात करते हुए प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने बोला कि हिंदुस्तान ने पिछले साल की तुलना में किर्गिज़ गणराज्य ( Kyrgyz Republic ) की अध्यक्षता को पूर्ण योगदान दिया है. मोदी ने आगे बोला कि किर्गिज़ गणराज्य के राष्ट्रपति के निमंत्रण पर मैं SCO शिखर सम्मेलन के समाप्ति के बाद 14 जून 2019 को किर्गिज़ गणराज्य की आधिकारिक द्विपक्षीय बातचीत करूंगा.

दोनों राष्ट्रों के बीच हो सकते हैं अहम करार

किर्गिस्तान व हिंदुस्तान के बीच इस भ्रमण में कुछ अहम करार हो सकते हैं. मध्य एशियाई राष्ट्रों के साथ सम्पर्क बढ़ाने और कारोबार को गति देने के लिए कई मुद्दों पर चर्चा हो सकती है. किर्गिस्तान में हिंदुस्तान के राजदूत आलोक डिमरी ने बताया कि हिंदुस्तान व किर्गिस्तान के संबंध एतिहासिक और मजबूत हैं. हम एक-दूसरे से दूर नहीं हैं. उन्होंने बोला कि किर्गिस्तान प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के भ्रमण को लेकर बहुत ज्यादा उत्साहित है व हिंदुस्तान से बहुत ज्यादा उम्मीदें भी है. किर्गिस्तान के राष्ट्रपति प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी को एक ग्लोबल लीडर के रूप में देखते हैं. बता दें कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी चार वर्ष बाद किर्गिस्तान की यात्रा कर रहे हैं. इससे पहले 2015 में किर्गिस्तान का दौरा किए थे. किर्गिस्तान का राष्ट्रपति सूरोनबे जीनबेकोव अभी 10 दिन पहले ही प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए हिंदुस्तान आए थे. डिमरी ने बताया है कि दोनों राष्ट्रों के बीच द्विपक्षीय बातचीत के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा और करार होने की आसार है. प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने रवाना होने से पहले अपने बयान में इस बात के इशारा दिए थे कि किर्गिस्तान के साथ रक्षा, सुरक्षा, कारोबार व निवेश समेत कई क्षेत्रों में वार्ता और करार होने कि सम्भावना है. उन्होंने यह भी बताया कि दोनों नेता संयुक्त रूप से भारत-किर्गिस्तान बिजनेस फोरम की पहली मीटिंग को भी संबोधित कर सकते हैं. बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट ने MoU को मंजूरी दी है जिसमें यह बात कही गई है कि दोनों राष्ट्रों के बीच कानूनी मेट्रोलॉजी से संबंधित सूचना व दस्तावेजों का आदान-प्रदान करेंगे, इस विषय से संबंधित अधिकारियों व गैर-अधिकारियों के लिए एक प्रशिक्षण प्रोग्राम विकसित करेंगे. दोनों देश एजुकेशन के क्षेत्र में अधिक लोगों से अधिक लोगों के आदान-प्रदान व योगदान पर ध्यान केंद्रित करेंगे. मौजूदा समय में 9000 भारतीय विद्यार्थी किर्गिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं.