यहाँ नयी पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 3 युवतियों समेत 15 गिरफ्तार

यहाँ नयी पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 3 युवतियों समेत 15 गिरफ्तार

गाजियाबाद की इंदिरापुरम पुलिस ने नोएडा पुलिस के साथ मिलकर बीमा पॉलिसी नवीनीकरण व नयी पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है.इंदिरापुरम पुलिस ने इस संबंध में तीन युवतियों समेत 15 लोगों को अरैस्ट कर 6.3 लाख रुपये, 36 मोबाइल फोन, 28 क्रेडिट कार्ड समेत अन्य कागजात बरामद किए हैं.

गिरफ्तार आरोपी पिछले आठ महीने से इंदिरापुरम के शक्तिखंड-2 स्थित फ्लैट में ठगी का कॉल सेंटर चला रहे थे. कॉल सेंटर का मालिक अभी फरार है. पुलिस के मुताबिक आरोपी देश के विभिन्न राज्यों के लोगों से दो करोड़ से अधिक की ठगी कर चुके हैं.

एएसपी अपर्णा गौतम ने बताया कि ग्रेटर नोएडा निवासी हरजीत सिंह नाम के आदमी से बीमा कराने के नाम पर करीब 50 लाख रुपये की ठगी हुई थी. पीड़ित ने ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाने में मुद्दे की रिपोर्ट पंजीकृत कराई थी. गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने मुद्दे में जाँच की तो पता चला कि इंदिरापुरम के शक्तिखंड-2 स्थित ए-197 में कॉल सेंटर चलाकर ठगी की जा रही है. इसकी सूचना इंदिरापुरम पुलिस को दी गई. इंदिरापुरम थाना प्रभारी निरीक्षक संदीप कुमार सिंह व नोएडा पुलिस के कई ऑफिसर शनिवार शाम मौके पर पहुंचे. पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर तीन युवतियों समेत 15 लोगों को अरैस्ट किया. कॉल सेंटर से 6.30 लाख रुपये, 36 मोबाइल, 10 हजार बीमा धारकों का डाटा, 28 डेबिट-क्रेडिट कार्ड, नौ आधार कार्ड, सात पैन कार्ड, चार वोटर कार्ड, नौ चेक बुक और पासबुक आदि सामान बरामद हुए.

वेतन पर रखे गए थे कर्मचारी : एसपी ने बताया कि अरैस्ट आरोपी विक्की धवन रूपेश का कार्य संभालता था. कॉल सेंटर में कार्य करने वाले कर्मचारियों को 10 से 15 हजार रुपये वेतन दिया जाता था. लक्ष्य पूरा करने पर कर्मचारियों को एक से पांच प्रतिशत व भुगतान किया किया जाता था. रूपेश ही कर्मचारियों को ग्राहकों का डाटा लाकर देता था. जाँच में पुलिस को डॉटा बेचने वाले कुछ आरोपियों का भी पता चला है. पुलिस उनकी भी तलाश कर रही है.

ऑफिस कर्मचारी पकड़े, मुख्य आरोपी फरार

इंदिरापुरम थाना प्रभारी निरीक्षक संदीप कुमार सिंह ने बताया कि अरैस्ट आरोपियों की पहचान सोनू, राकेश, प्रिंस वर्मा, रवि कुमार, मोहम्मद कासिम, अनस मिर्जा, सिप्रांसु यादव, सूर्याकांत, शोएब, संजय, कपिल, रचना, निशा, रेनू के रूप में हुई है. सेंटर संचालक विक्की धवन को भी मौके से हिरासत में लिया गया. हालांकि मुख्य आरोपी रूपेश राजपूत का पुलिस अब तक सुराग नहीं लगा पाई है. एएसपी अपर्णा गौतम ने बताया कि अरैस्ट आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि कॉल सेंटर संचालक रूपेश राजपूत फरार है.

फ्लैट मालिक पर भी कार्रवाई होगी

शक्तिखंड-2, ए-197 स्थित भूतल पर आरोपी कॉल सेंटर चलाते थे. आसपास के लोगों का बोलना है कि फ्लैट में चुपचाप आरोपी कार्य करते थे. दबिश के बाद लोगों को पता चला कि कॉल सेंटर चल रहा है. एएसपी का बोलना है फ्लैट के मालिक के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी. बिना पुलिस सत्यापन के फ्लैट को व्यावसायिक गतिविधि के लिए दिया गया था.

एजेंटों से खरीदते थे ग्राहकों का डाटा

पुलिस के मुताबिक अरैस्ट आरोपी बीमा कंपनियों से ग्राहकों का डाटा खरीदते थे. इसके बाद ऐसे लोगों को कॉल करते थे, जिनके बीमा की किस्त नहीं जमा हो पाती थी.बीमा बंद होने का झांसा देकर भारी नुकसान का डर दिखाते थे. इसके एवज में दूसरा बीमा करने के नाम पर फर्जी खातों में रुपये डलवाते थे. रुपये आने के बाद आरोपी खाते से रुपये निकाल लेते थे.

पूरे देश में कर रहे थे ठगी

वर्ष 2015 में आरोपी ने नोएडा में कॉल सेंटर खोला था. वहां दबिश के बाद विभिन्न स्थानों पर कॉल सेंटर खोला. जालसाज उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश, बिहार समेत अन्य कई राज्यों के लोगों से दो करोड़ की ठगी कर चुके हैं. बैंक खातों कि डिटेल्स खंगाली जा रही है कि उनमें कितने का लेनदेन हुआ है.