उच्चतम न्यायालय आज सुनाएगा 'INX मीडिया हेराफेरी' से जुड़े मुद्दे में पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर निर्णय

उच्चतम न्यायालय आज सुनाएगा 'INX मीडिया हेराफेरी' से जुड़े मुद्दे में पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर निर्णय

INX मीडिया हेराफेरी से जुड़े मुद्दे में पी चिदंबरम की जमानत याचिका पर उच्चतम न्यायालय आज निर्णय सुनाएगा। दरअसल, 28 नवंबर को उच्चतम न्यायालय ने चिदंबरम की जमानत याचिका पर निर्णय सुरक्षित रख लिया था। सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने पी चिदंबरम की जमानत का विरोध किया था। सॉलीसीटर जनरल तुषार मेहता ने बोला था कि चिदंबरम की तरफ से बोला गया है मैं रंगा बिल्ला नहीं हूं, तो मुझे क्यों कारागार में रखा जा रहा है, इसका जवाब ये है कि इस क्राइम की ग्रेविटी समाज पर इम्पैक्ट डालती है।

प्रवर्तन निदेशालय ने उच्चतम न्यायालय में बोला था कि वो कार्ति चिदंबरम को अरैस्ट करना चाहती है बस प्रोटेक्शन हटते ही कार्ति को अरैस्ट कर लेंगे। तुषार मेहता ने बोला था कि प्रवर्तन निदेशालय मुद्दे में कार्ति चिदंबरम की गिरफ्तारी अभी होनी है। उन्होंने अब तक अग्रिम जमानत की अर्ज़ी नहीं लगाई है। PMLA के कुछ प्रावधानों को उन्होंने चुनौती दे रखी है लिहाज़ा न्यायालय में उन प्रावधानों पर लगे स्टे की वजह से वो अब तक बचे हुए हैं। न्यायालय का स्टे हटते ही वो अरैस्ट होंगे।

मेहता ने बोला था कि चिदंबरम इतने प्रभावशाली हैं कि एक गवाह चिदंबरम के सामने बयान देने से पीछे हट गया, ये इनका असर ही था कि गवाह आमना सामना करने से मना कर दिया। हमने उसका बयान दर्ज किया है जो सीलबंद लिफाफे में न्यायालय को दिया है।

आम आदमी का सिस्टम से भरोसा समाप्त हो जाएगा, आरोपी फाइनेंस मिनिस्टर के पद पर थे। SG ने बोला था कि एक गवाह ने उनके साथ आमने सामने बैठने से इन्कार कर दिया था व बोला था कि वो बहुत प्रभावशाली है, तुषार मेहता ने बोला था कि क्या हम तभी करवाई करेंगे जब क्राइम करने वाला रंगा बिल्ला होगा।