छात्र ने पीएम से आग्रह किया कि वह बीएचयू के कुलपति को दें आदेश, जानिए क्या हैं कारण

छात्र ने पीएम से आग्रह किया कि वह बीएचयू के कुलपति को दें आदेश, जानिए क्या हैं कारण

बीएचयू के दर्शन शास्त्र (फिलोस्फी) विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर इंटरव्यू में अयोग्य ठहराये जाने पर विद्यार्थी ने ख़्वाहिश मौत मांगी है.  दलित पीएचडीधारी विद्यार्थी ने पीएम को लिखे लेटर में  कहा है कि बीएचयू में सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति में आरक्षित वर्ग के पदों को नॉट फाउंड सुटेबल बताया जा रहा है. 

इससे अच्छा तो मैं अपना पारंपरिक पेशा ही करता तो अच्छा था. इन संस्थानों में हमारे जैसों के लिए कोई स्थान नहीं है. 

छात्र ने पीएम से आग्रह किया कि वह बीएचयू के कुलपति को आदेश दें कि जिन विषयों में अभ्यर्थियों को नॉट फाउंड सुटेबल किया गया है उन पर दुबारा से इंटरव्यू कराया जाए. विद्यार्थी का आरोप है कि बीएचयू के दर्शन विभाग में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित एक पद के लिए कुल 12 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू हुआ. लेकिन सभी को अयोग्य ठहरा दिया गया. 

ऐसा ही कला इतिहास तथा अर्थशास्त्र विभाग में भी अनुसूचित जाति वर्ग के साथ हुआ. इतिहास विभाग में अन्य पिछड़े वर्ग के आरक्षित पद में आए सभी अभ्यर्थियों को अयोग्य करार दिया गया व इस पद को नहीं भरा गया. संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के धर्मागम विभाग तथा आयुर्वेद संकाय के मेडिसिनल केमेस्ट्री विभाग में अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित पद अयोग्य करार दिए जाने के कारण खाली रह गए.