सरकार का मानना है कि ऐसे में रोहिंग्या को भी हिंदुस्तान की नागरिकता जायेगी मिल

सरकार का मानना है कि ऐसे में रोहिंग्या को भी हिंदुस्तान की नागरिकता जायेगी मिल

केन्द्र सरकार शीतकालीन सत्र में ही  बिल ला सकती है। सूत्रों के हवाले से समाचार है कि बुधवार को होनेवाली कैबिनेट की मीटिंग में सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल को मंजूरी मिलने की आसार है। ऐसा बताया जा रहा है कि सरकार की प्रयास इसी सप्ताह बिल को पेश करने की है। समाचार है कि गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर पूर्वी राज्यों के नेताओं के साथ बिल पर आम सहमति बनाने की प्रयास की है।

दो दिन तक शाह ने उत्तर पूर्व के राज्यों के मुख्यमंत्रियों व अन्य स्टॉकहोल्डर के साथ मीटिंग की थी। सरकार की प्रयास रही है कि सबको भरोसे में लेकर ही बिल लाया जाये। माना जा रहा है कि अमित शाह की प्रयास से इस बिल का विरोध कर रहे उत्तर पूर्व के कुछ प्रदेश भी अब सहमत हो गए है। हालांकि कांग्रेस, वाम व अन्य दल इसका विरोध कर रहे हैं। उनकी मांग है कि इसमें मुस्लिमों को भी शामिल किया जाना चाहिए।

सरकार का मानना है कि ऐसे में रोहिंग्या को भी हिंदुस्तान की नागरिकता मिल जायेगी। जबकि वे घुसपैठिए है। सिटीजनशिप अमेंडमेंट बिल में बांग्लादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान या अन्य राष्ट्रों से आनेवाले हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी को हिंदुस्तान की नागरिकता देने का प्रावधान है। यह वर्ग इन राष्ट्रों में सदियों से पीड़ित है।