कांग्रेस पार्टी ने भाजपा पर लगाया एक बड़ा आरोप कहा-  "भाजपा उपचुनावों में अपनी सफलता...

कांग्रेस पार्टी ने भाजपा पर लगाया एक बड़ा आरोप कहा-  "भाजपा उपचुनावों में अपनी सफलता...

कर्नाटक (Karnataka) के 15 निर्वाचन क्षेत्रों में उपचुनावों (Bypolls) को लेकर कांग्रेस पार्टी ने भाजपा पर एक बड़ा आरोप लगाया है। कांग्रेस पार्टी ने बोला है कि भाजपा उपचुनावों में अपनी सफलता को लेकर निश्चित नहीं है, इसलिए भाजपा एक बार फिर ऑपरेशन लोटस चलाने का कोशिश कर रही है। कांग्रेस पार्टी का यह भी दावा है कि भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे अयोग्य विधायकों ने उस पार्टी में लौटने का कोशिश किया है, जहां से वे पहले हारे थे।

कर्नाटक कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष दिनेश गुंडू राव ने बोला है कि भाजपा ने पहले से यह बोलना शूरू कर दिया है कि वे कांग्रेस पार्टी के विधायकों के सम्पर्क में हैं। उन्होंने बोला कि वो ऐसे चार विधायकों को जानते हैं, जो भाजपा के सम्पर्क में थे। राव ने बोला कि भाजपा जानती है कि उन्हें बहुमत नहीं मिल सकता है। इसलिए वे एक बार फिर ऑपरेशन लोटस को अंजाम देना चाहते हैं।

क्या है ऑपरेशन लोटस?
बीजेपी द्वारा अन्य दलों के विधायकों को कथित रूप से टोड़ने को ऑपरेशन लोटस बोला जाता है। राव ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायकों को तोड़ने के लिए केवल एक ही रास्ता प्रयोग कर रही है। पैसे व कैबिनेट मंत्री के पदों का लालच देकर विधायकों को तोड़ना।   उन्होंने बोला कि अगर एक बार फिर ऑपरेशन लोटस में शामिल होने से अच्छा है कि वो कांग्रेस पार्टी को अकेला छोड़ दें।

उन्होंने बोला कि भाजपा अच्छी तरह से जानती है कि वो उपचुनाव पराजय रहे हैं। राव ने दावा किया कि पार्टी छो़ड़ने वाले 17 विधायकों में से अयोग्या ठहराए गए तीन विधायक- एसटी सोमशेखर, बैराठी बसराव व मुनिरत्न, कांग्रेस पार्टी में लौटने के लिए पार्टी नेताओं से सम्पर्क किया है। राव ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी छोड़कर गए ये वरिष्ठ नेता, जो भाजपा में सम्मान न मिलने के कारण वापस आना चाहते हैं। अब इन नेताओं को पार्टी में वापस नहीं लेंगे।

कांग्रेस के दावों को भाजपा ने किया खारिज
कांग्रेस का दावा है कि भाजपा उपचुनावों में करीब 1000 करोड़ रुपये कर कर रही है। वहीं भाजपा ने उपचुनावों में बहुमत हासिल करने के बारे में विश्वास जाहीर किया है। भाजपा सांसद शोभा करंदलाजे ने कांग्रेस पार्टी व जनता दल के ऑपरेशन लोटस के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने बोला कि पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए कार्य से लोग प्रभावित हैं। इसलिए पूर्व कांग्रेसी विधायक भाजपा में शामिल हुए हैं।

बता दें कि प्रदेश में 17 विधायकों के त्याग पत्र देने के बाद पिछली कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार गिर गई थी। जिसके बाद 15 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उपचुनाव की आवश्यक हो गए थे, क्यों की उच्चतम न्यायालय ने 15 विधायकों को अयोग्य ठहराया था। भाजपा को 224 सदस्यीय विधानसभा में 15 सीटों के लिए उपचुनावों में कम से कम छह सीटें जीतने की आवश्यकता है।