सुषमा स्वराज का आज जन्मदिन, जाने इनके बारे में कुछ खास बाते

सुषमा स्वराज का आज जन्मदिन, जाने इनके बारे में कुछ खास बाते

भारतीय पॉलिटिक्स की संसार में एक ऐसा नाम है जो अविस्मरणीय भी हैं व अमर भी। यह राष्ट्रवाद का नम्र चेहरा ज्ञान-विज्ञान व आध्यात्मिकता की समृद्धि से परिपूर्ण था। आज सुषमा स्वराज का जन्मदिन है।

वो न सिर्फ सभी की चहेती नेता थीं बल्कि विदेशों में बसे हिंदुस्तानियों के लिए 'संकट मोचक' थीं। देश की फायर बिग्रेड नेता सुषमा स्वराज को आज हर कोई याद कर रहा है। उनके जन्मदिन के मौके पर हम आपको 'ऑपरेशन संकट मोचन' के बारे में बता रहे हैं जो गवाह है सुषमा व उनके द्वारा पहुंचाई गई मदद का।

सुषमा स्‍वराज ने दक्षिण सूडान में छिड़े गृह युद्ध के दौरान वर्ष 2016 में वहां फंसे हिंदुस्तानियों की सुरक्षित वतन वापसी में बड़ी किरदार निभाई थी। इस ऑपरेशन को 'ऑपरेशन संकट मोचन' नाम दिया गया। इसके जरिए सूडान से 150 हिंदुस्तानियों को निकाला। इसमें 56 लोग केरल के रहने वाले थे।

'ऑपरेशन संकट मोचन'
इस ऑपरेशन के तहत जनरल वीके सिंह दो विमान लेकर सूडान पहुंचे थे व तकरीबन 150 हिंदुस्तानियों को एयर लिफ्ट कर सुरक्षित वापस हिंदुस्तान लाया गया था। इसके बाद सुषमा स्वराज लीबिया में सरकार व विद्रोहियों के बीच छिड़ी जंग के दौरान 29 हिंदुस्तानियों को वहां से सुरक्षित हिंदुस्तान लेकर आई थीं।

6 मिनट में बचाई थी जान!
'ऑपरेशन संकट मोचन' के कई पीड़ितों में से एक पीड़ित परिवार है मुंबई का देढिया परिवार। मुंबई की रहने वाली नेहा देढिया ने जुलाई 2016 में सोशल मीडिया पर ट्विटर के जरिए सुषमा स्वराज जी से अपने पति के लिए मदद मांगी थी। नेहा के पति हिमेश अपने व्यापार के सिलसिले में साउथ सूडान गए थे व वहां जंग के दशा में दूसरे हिंदुस्तानियों के साथ फंस चुके थे।

एक ट्वीट पर पहुंचाती थीं मदद
उन्होंने ट्विटर के जरिए बताया था कि हिमेश एक डायबिटिक मरीज हैं व उस समय उनके पास इंसुलिन समाप्त हो गई थी। वक्त रहते उन्हें दवाई नहीं मिलती तो शायद उनकी जान भी जा सकती थी। मुंबई से नेहा ने सुषमा जी को ट्विटर हैंडल से लिखा है व महज 6 मिनट के भीतर ही सुषमा जी ने नेहा को जवाब देकर मदद भिजवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ना सिर्फ हिमेश तक दवाई पहुंचाई गई बल्कि केन्द्र सरकार ने सूडान में फंसे हिंदुस्तानियों को एयरलिफ्ट करने के लिए ऑपरेशन संकट मोचन भी लांच किया।