रूपज्योति कुर्मी ने अपनी हथेली काट, खून से नारे लिखकर अपना विरोध किया प्रर्दिशत

 रूपज्योति कुर्मी ने अपनी हथेली काट, खून से नारे लिखकर अपना विरोध किया  प्रर्दिशत

कांग्रेस विधायक रूपज्योति कुर्मी ने मंगलवार को असम विधानसभा परिसर में अपनी हथेली काट ली व बंद पड़े उद्योगों को बेचने के प्रदेश सरकार के निर्णय के विरूद्ध खून से नारे लिखकर अपना विरोध प्रर्दिशत किया. कुर्मी को विधानसभा से बाहर निकलकर निकास द्वार पर पत्रकारों के सामने ब्लेड निकालकर हथेली काटते व खून से लिखकर विरोध जताते देखा गया.

मरियानी से विधायक कुर्मी ने नागाओं व कछार पेपर मिल, ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन लिमिटेड, डिब्रूगढ़ में हलमारी टी एस्टेट व करीमगंज में एलबरी टी एस्टेट को बेचने के सरकार के कथित रूप से लिए गए फैसला के विरूद्ध नारे लिखे. कुर्मी ने संवाददाताओं से बोला कि असम सरकार को प्रदेश का भविष्य बेचने के इजाजत नहीं दी जाएगी.

उन्होंने कहा, ‘‘असम की मिट्टी पर सभी संसाधन प्रदेश के गौरव, लोगों की आजीविका के साधन व प्रदेश के भविष्य से जुड़े हुए हैं. उन्हें बेचने की इजाजत नहीं दी जा सकती.’’कुर्मी से यह कहे जाने पर कि विरोध करने के उनके ढंग को युवा भी अपना सकते हैं, उन्होंने कहा, ‘‘आजादी के आंदोलन के समय हमारी पार्टी (कांग्रेस) ने हिंदुस्तान की स्वतंत्रता के लिए ब्रिटिश की गोलियां बहादुरी से झेली थीं. आज सरकार की कार्रवाई से असम जो खतरा झेल रहा है उसके लिए मैं अपना ज़िंदगी कुर्बान करने के लिए तैयार हूँ.’’

हथेली काटने के बाद कुर्मी को इमरजेंसी चिकित्सा कक्ष ले जाया गया जहाँ उन्हें टांके लगे. सदन में नेता प्रतिपक्ष व कांग्रेस पार्टी नेता देवव्रत सैकिया से इस घटना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने बोला कि वह कुर्मी के विरोध प्रदर्शन का भाग नहीं थे. विधानसभा अध्यक्ष हितेश गोस्वामी ने कुर्मी द्वारा सदन में ब्लेड लेकर आने की घटना पर जाँच के आदेश दिए हैं. सदन में इस मामले को उठाते हुए बीजेपी विधायक पद्म हजारिका ने बोला कि यदि एक विधायक सदन में ब्लेड लेकर आ सकता है तो बाकी विधायकों की सुरक्षा का क्या होगा.