धारा-144 का उल्लंघन, भाजपा सांसद साक्षी महाराज समेत 50 लोगों पर हुआ मुकदमा

धारा-144 का उल्लंघन, भाजपा सांसद साक्षी महाराज समेत 50 लोगों पर हुआ  मुकदमा

विस्तार कोतवाली पुलिस ने आपदा प्रबंधन अधिनियम और धारा 144 के उल्लंघन को लेकर भाजपा सांसद साक्षी महाराज उनके जनसंपर्क अधिकारी अमितेष सिंह उर्फ नंदू, श्री भगवान भवन के प्रबंधक महेश चंद्र मिश्रा और 47 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। ऋषिकेश विधानसभा की रिर्टनिंग अफसर और एसडीएम डॉ. अपूर्वा पांडेय के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने यह कार्रवाई की है। कार्यक्रम के दौरान की फोटो और विडियो से पुलिस अज्ञात लोगों की पहचान कर रही है। 


बुधवार को श्री भगवान भवन में उत्तर प्रदेश के उन्नाव के सांसद साक्षी महाराज के 66वें जन्मदिन के अवसर पर भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में लोगों की भारी भीड़ जुटी थी। कार्यक्रम में मास्क पहनने और सामाजिक दूरी का उल्लंघन हुआ था। ऋषिकेश विधानसभा की रिर्टनिंग अफसर और एसडीएम डॉ. अपूर्वा पांडेय ने तहसीलदार और कोतवाली निरीक्षक रवि सैनी को मामले की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कोतवाली निरीक्षक रवि सैनी ने बताया कि साक्षी महाराज हाल निवासी 38, जीआरएम रोड, नई दिल्ली, स्थाई निवासी मां मदालसा इंटर कॉलेज, उदितपुर, शिकोहाबाद रोड इटा, अमितेष सिंह उर्फ नंदू हाल निवासी उन्नाव, उत्तर प्रदेश और महेश चंद्र मिश्रा निवासी श्री भगवान भवन, ऋषिकेश, जिला देहरादून और 47 अज्ञात लोगों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम और धारा 144 के उल्लंघन से संबंधित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

     


क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

क्या बिना मर्जी लगाया जा सकता है कोरोना का टीका? सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

नई दिल्ली: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी कोविड-19 टीकाकरण दिशानिर्देशों में किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसका जबरन टीकाकरण कराने की बात नहीं की गई है। दिव्यांगजनों को टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाने से छूट देने के मामले पर केंद्र ने न्यायालय से कहा कि उसने ऐसी कोई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी नहीं की है, जो किसी मकसद के लिए टीकाकरण प्रमाणपत्र साथ रखने को अनिवार्य बनाती हो।

केंद्र ने गैर सरकारी संगठन एवारा फाउंडेशन की एक याचिका के जवाब में दायर अपने हलफनामे में यह बात कही। याचिका में घर-घर जाकर प्राथमिकता के आधार पर दिव्यांगजनों का टीकाकरण किए जाने का अनुरोध किया गया है। हलफनामे में कहा गया है कि भारत सरकार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी दिशानिर्देश संबंधित व्यक्ति की सहमति प्राप्त किए बिना जबरन टीकाकरण की बात नहीं कहते। केंद्र ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मर्जी के बिना उसका टीकाकरण नहीं किया जा सकता।