मौसम में हो रहा तेजी से बदलाव, इन राज्यों में तीन दिन तक बारिश की चेतावनी

मौसम में हो रहा तेजी से बदलाव, इन राज्यों में तीन दिन तक बारिश की चेतावनी

मौसम फिर करवट ले रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अफगानिस्तान से उठने वाले पश्चिमी विक्षोभ से हवा का रुख बदलेगा। इससे दो-तीन दिनों में उत्तर भारत के कुछ इलाकों में तेज हवा के साथ हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम विभाग की मानें तो जम्मू कश्मीर से उत्तराखंड तक बारिश और हिमपात के आसार बने हुए है। पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान के अलावा झारखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल तथा पूर्वोत्तर हिस्सों में भी बारिश होने की संभावना है। अभी राजस्थान और मध्यप्रदेश में जहां तापमान 40 डिग्री के आसपास बना हुआ है। वहीं, हरियाणा में हल्के बादल छाए रहे। मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के अनुसार जम्मू-कश्मीर, मुजफ्फराबाद, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर बर्फबारी के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 5 अप्रैल और 6 अप्रैल को मौसम गतिविधि की तीव्रता बढ़ने की उम्मीद है। 5 और 6 अप्रैल को उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।

राजस्थान में भीषण गर्मी के साथ लू का असर रहा। आने वाले दिनों में नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश में फिर मौसम पलटने के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो-तीन दिन तक पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में जबर्दस्त लू चलने के साथ आंधी-अंधड़ का अनुमान है। 6, 7 अप्रैल को कई इलाकों में बूंदाबांदी हो सकती है। 40 से 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलेंगी। विक्षोभ का असर 7 अप्रैल तक रहेगा।

अफगानिस्तान से जम्मू और कश्मीर की तरफ आ रहे पश्चिमी विक्षोभ के कारण फिर से मौसम में बदलाव आना शुरू हो गया है। इसका असर मैदानी इलाकों में दिखा। सोमवार को हल्के बादल छाए रहे, लेकिन दिन के तापमान में 2.2 डिग्री का इजाफा हुआ। वहीं, हवा में नमी भी 57 दर्ज की गई। मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार रात से गरज-चमक साथ बूंदाबांदी के आसार बन रहे हैं। 6 और 7 अप्रैल को तेज हवा के साथ बूंदाबांदी हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश में आठ अप्रैल तक मौसम खराब रहने का पूर्वानुमान है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते सोमवार से तीन दिन तक ओलावृष्टि और अंधड़ का येलो अलर्ट जारी किया है। प्रदेश के मध्यम और ऊंचाई वाले इलाकों में सात अप्रैल तक मौसम खराब रहने के आसार हैं। राज्य के मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और तूफान, जबकि ऊंचाई वाले कुछ क्षेत्रों में बारिश-बर्फबारी का पूर्वानुमान है। पांच से सात अप्रैल तक प्रदेश के ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों में मौसम विज्ञान केंद्र ने ओलावृष्टि और अंधड़ का येलो अलर्ट जारी किया है। सोमवार को प्रदेश के पांच जिलों चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में येलो अलर्ट है।  


दुनियाभर के 27 अमीर देशों में 25 गुना तेज टीकाकरण

दुनियाभर के 27 अमीर देशों में 25 गुना तेज टीकाकरण

धरती के अधिकांश संसाधनों पर कब्जा जमाने वाले दुनिया के अमीर देशों की हनक आपदा के समय में भी दिख रही है। कोविड-19 महामारी से जूझ रही दुनिया के लिए वैक्सीन ही एकमात्र जीवन की किरण बनकर सामने आई है, लेकिन असमान वितरण ने महामारी से लड़ाई की चुनौती को कठिन बना दिया है।

अब तक दुनिया की पांच फीसद आबादी का टीकाकरण पूरा हो चुका है, लेकिन इस पांच फीसद आबादी में अमीर-गरीब की गहरी खाई नजर आ रही है। ब्लूमबर्ग वैक्सीन ट्रैकर के अनुसार गुरुवार तक दुनिया को दी गई कुल वैक्सीन की खुराक में 40 फीसद हिस्सेदारी सिर्फ 27 अमीर देशों की है जिनकी वैश्विक आबादी में हिस्सेदारी महज 11 फीसद है। पेश है एक नजर:

वितरण की असमानता

ब्लूमबर्ग वैक्सीन ट्रैकर के आंकड़े बताते हैं कि उच्च आय वाले इन देशों में कम आय वाले देशों के मुकाबले 25 गुना तेज टीकाकरण हो रहा है। कम धनी और दुनिया की आबादी में दूसरा 11 फीसद का हिस्सा रखने वाले देशों के हिस्से अभी तक सिर्फ 1.6 फीसद ही वैक्सीन आई है। ट्रैकर के अनुसार दुनिया के 154 देशों में 72.60 करोड़ वैक्सीन की खुराक दी जा चुकी है।


आबादी और टीकाकरण का अनुपात

ब्लूमबर्ग वैक्सीन ट्रैकर के अनुसार अगले तीन महीने में अमेरिका की 75 फीसद आबादी को टीके लगाए जाने का लक्ष्य है। विडंबना यह है कि दुनिया के करीब आधे देश अभी ऐसे हैं जहां की एक फीसद आबादी का भी टीकाकरण नहीं संपन्न हो पाया है। टीकाकरण में यह असमानता तब है जब दुनिया के 40 सबसे गरीब देशों के पास टीकाकरण का डाटा सार्वजनिक करने के लिए उपलब्ध ही नहीं है। इन देशों की वैश्विक आबादी में हिस्सेदारी आठ फीसद है।


अफ्रीका महाद्वीप में सबसे कम टीकाकरण

दुनिया का सबसे गरीब महाद्वीप अफ्रीका में टीकाकरण भी सबसे कम है। इसके 54 देशों में से सिर्फ तीन में एक फीसद से अधिक आबादी को टीके लगाए जा सके हैं। इनमें से 20 से ज्यादा देश ऐसे हैं जहां टीकाकरण का खाता ही नहीं खुला है।

क्या हो तरीका


अभी ऐसी कोई प्रणाली नहीं विकसित है जो दुनिया भर में वैक्सीन के समान वितरण को सुनिश्चित करा सके। यदि दुनिया की सभी वैक्सीन का वितरण आबादी के आधार पर किया जाए तो अपने वास्तविक हिस्से के मुकाबले अमेरिका छह गुना अधिक खुराक लगा लगाएगा। ब्रिटेन आबादी के अनुपात में सात गुना अधिक टीके का इस्तेमाल करेगा। इस आशय की सूची में संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल शीर्ष पर है जो अपनी आबादी के हिसाब से हिस्से के क्रमश: नौ और 12 गुने टीकाकरण करेंगे। चीन में टीकाकरण की रफ्तार दुनिया के औसत के करीब है। यहां दुनिया का 20 फीसद टीका दुनिया की 18 फीसद आबादी को लगाया जा रहा है।


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